ममता ने दिखाए तीखे तेवर

कोलकाता, 9 दिसंबर. कोलकाता के धकुरिया में स्थित एएमआरआई अस्पताल में लगी भीषण आग से 89 लोग मारे गए तथा अनेक बुरी तरह झुलस गये.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अस्पताल का दौरा करने के बाद कहा कि अस्पताल ने आग से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया था, जो एक अक्षम्य अपराध है, और इसके लिए दोषियों को कड़े से कड़ा दंड दिलाया जाएगा. आग के कारणों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति में दमकल विभाग, कोलकाता नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे. कोलकाता पुलिस आयुक्त आर.के. पचनंदा ने कहा कि संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) दमयंती सेन समिति के कामकाज का निरीक्षण करेंगी.इस बीच हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा भी की गई है. यही नहीं ममता के निर्देश पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. उधर, प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह मारे गए लोगों के प्रति गहरा शोक जताते हुए उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है.

वहां भर्ती रोगियों के परिजनों ने इस घटना में मरे और घायल हुए लोगों की सूची नहीं लगाए जाने से नाराज होकर स्वागत कक्ष में तोडफ़ोड़ की. बताया जा रहा है कि आग रात को लगभग ढाई बजे अस्पताल के बेसमेंट से शुरू हुई, जहां कोई जहरीला पदार्थ रखा गया था, जिसकी वजह से आग और भयानक हो गई, लेकिन आग पर काबू पाने के लिए दमकल की पहली गाड़ी काफी देर बाद लगभग साढ़े पांच बजे वहां पहुंची. अस्पताल में दाखिल होने के लिए फायर अफसरों को खिड़की के शीशे तोडऩे पड़े. 25 से अधिक दमकल वाहन वहां पहुंच चुके हैं, और लोगों को निकालने का काम जारी है. अब भी कई लोगों के अस्पताल में ही फंसे होने की ख़बर मिली है, और चारों तरफ फैले धुएं की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं. खबर आ रही है कि अब भी कई लोग आईसीयू और क्रिटिकल केयर यूनिट्स में फंसे हुए हैं, जिसमें मरीज, डॉक्टर और नर्सें शामिल हैं. दमकल कर्मी अस्पताल में रखे ऑक्सीजन सिलेंडरों को भी निकालने की कोशिश में लगे हैं, क्योंकि वे कभी भी फट सकते हैं. इस अस्पताल में आग लगने की यह दूसरी घटना है. इससे पहले यहां 2008 में भी आग लगी थी.

अग्निशमन सूत्रों ने बताया कि आग पूर्ण वातानुकूलित इमारत के भूतल में स्थित विद्युत केंद्र से शुरू हुई और तेजी से फैल गई. तीसरी और इससे ऊपर की मंजिलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं. मौके पर 25 दमकल गाडिय़ां भेजी गईं, लेकिन संकरी सड़कों की वजह से इन्हें धुएं से घिरी इमारत तक पहुंचने में वक्त लगा. आईसीयू, आईसीसीयू, आईटीयू और क्रिटिकल केयर यूनिट में फंसे मरीजों को बचाने के लिए दमकल कमर्चारियों ने आग और धुएं से घिरी इमारत की खिड़कियां तोड़ दीं. अग्निशमन सेवा मंत्री जावेद खान ने बताया कि आग उच्च ज्वलनशील सामग्री के भंडार की वजह से फैल गई. उन्होंने बताया कि अस्पताल में भी आग से निपटने के उपयुक्त उपकरण नहीं थे.

अस्पताल को पहले ही चेताया था

एएमआरआई समूह के प्रमुख एस.के. टोड़ी सहित छह लोगों को अस्पताल में आग लगने के बाद दम घुटने से मारे गए लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, गत सितम्बर में एएमआरआई अस्पताल प्रशासन को उसके तहखाने के बारे में चेतावनी दी थी. एएमआरआई ने वचन तो दिया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया. टोड़ी के अलावा गिरफ्तार अन्य लोगों में आर. एस. गोयनका, रवि गोयनका, मनीष गोयनका, प्रशांत गोयनका और दयानंद गोयनका शामिल हैं.

म.प्र. में भी सतर्कता जरूरी

इंदौर. मेडिकल हब बन चुके अस्पताल में कई बहुंमंजिला अस्पताल है. फायर ब्रिगेड के पास आधुनिक मशीन है जो ऊंचाई तक आग बुझा सकती है लेकिन सतर्कता जरूरी है. हालांकि शहर में फायर ब्रिगेड और नगरीय प्रशासन विभाग के बीच मामला झूल रहा है.

जबलपुर. नगर निगम के अग्नि सैन्यदल (फायरबिग्रेड़)अधीक्षक उस्मान खान का कहना है कि अधिकतर चिकित्सालय बिना किसी अनुमति के बिना सुरक्षा संसाधनों कीधज्जियां उड़ा रहे है  ओर आने वाले समय में खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकते हैं.

भोपाल. फायर इंस्पेक्टर ईत्तिकार ने बताया कि हाईड्रोलिक प्लेटफार्म, वाटर टेंकर, फोम टेंडर, बेचिंग उपकरण और डी.बी टाइप इलेक्ट्रीक फायर से लगी आग पर काबू भी पाने की व्यवस्था उपलब्ध है.

ग्वालियर. निगम द्वारा करीब दो दर्जन नर्सिंग होमों को एनओसी दी गयी है जिनके पास सीज फायर जैसे उपकरण हैं. जेएएच हास्पीटल की ही ऊंचाई सर्वाधिक है और 6 मंजिल तक आग बुझाने के पर्याप्त साधन हैं.

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