न्यूनतम पेंशन 1500 करने की मांग

भोपाल,5दिसंबर.नभासं. भारतीय जनता मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को उनके मौलिक अधिकार सुनिश्चित हो, यह मांग लेकर महासंघ की 17 प्रदेश राज्यों की इकाईयां जंतर मंतर पर विषाल धरना प्रदर्षन करेगी.

महासंघ की मान्यता है कि खुदरा कारोबार में विदेषी निवेष राष्ट्रघातक है. धरना प्रदर्षन में इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा. प्रहलाद पटेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विष्व मानव अधिकार दिवस पर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की खुशहाली के लिये तमाम पहलुओं पर पहली बार विचार होगा.उन्होंने बताया कि देश में 43 करोड 40 लाख, असंगठित क्षेत्र में मेहनतकश काम करते है. मौजूदा परिप्रेक्ष्य में उनका प्रतिनिधित्व 2 प्रतिशत से भी अधिक नहीं हो पाया है. उनका प्रतिनिधित्व हो तभी उनकी समस्याओं का समाधान होगा. इस दृष्टि से हमने टेऊड यूनियन संघों को साथ लेने का संकल्प किया है. मध्यप्रदेश में ऐसे 10 यूनियनों का गठन किया है. ग्यारहवां बीना में (पेट्रोलियम रिफायनरी ओमान मजदूर संगठन) को शामिल किया गया. उन्होंने कहा कि मजदूर महासंघ मानता है कि असंगठित क्षेत्र में मजदूर कार्ड होल्डर का भविष्य निधि क्रमांक हो जिससे उसे लाभ सुनिष्चित हो. कॉमनवेल्थ गेम्स में मजदूरों का 12 हजार करोड रू. जमा हुआ, लेकिन उससे मजदूर व्यक्तिगत लाभ उठा पायेंगे, यह संषय बरकरार है.

उन्होंने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों को सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा कवच दिये जाने की आवष्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि उनके लिये (पंजीयित मजदूरों) अस्पताल हो, बच्चों के लिये षिक्षा की व्यवस्था हो, आवासीय भूमि, आवास की व्यवस्था मिले, करीब डेढ करोड व्यक्ति असंगठित क्षेत्र में फुटपाथ पर दुकान लगाते है. करीब इतने ही मंडी लायसेंस लेकर छोटी मोटी दुकाने चलाते है, इनके उद्यम एफडीआई के निषाने पर नहीं आने दिये जाना चाहिए. यह हमारी भरपूर कोषिष होगी. मध्यप्रदेश के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए प्रहलाद पटेल ने कहा कि देष के समग्र परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश में उम्दा काम हो रहा है. यहां साढ़े तेरह लाख असंगठित संनिर्माण मजदूरों को पंजीयन कर कार्ड दिये गये है. यहां पंजीयन की सबसे सरल प्रक्रिया है. इसी तरह छत्तीसगढ में अच्छा काम हुआ है. मध्यप्रदेश सरकार का कामकाज सर्वश्रेष्ठ है.

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