भोपाल, 15 सितंबर,  हजरत निजामुद्दीन से हबीबगंज तक चलने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस के हबीबगंज स्टेशन पर पहुंचने के बाद गाड़ी के  ए.सी. प्रथम श्रेणी के कोच सें रेल कर्मचारी को दस लाख का बैग मिला.

कल हजरत निजामुद्दीन से हबीबगंज आ रही गाड़ी क्रं. 2156 भोपाल एक्सप्रेस आज सुबह हबीबगंज स्टेशन पहुंचने के बाद सभी यात्री प्लेटफार्म से जा चुके थे. इसके बाद गाड़ी वाशिंग साइड पहुंच चुकी थी. वहां ए.सी.प्रथम श्रेणी के एच ए 1 कोच का अटेंडेंट भगवानदास एवं उसके सहयोगी डुलीचंद शर्मा कोच के अंदर केबिनों में बिछे बेडरोल को एकत्र करने का काम कर रहे थे.

जैसे ही भगवानदास कोच के सी कूपा में वे पहुंचे उसे एक-एक हजार के दस गाडियों से भरा एक बैग मिला. तत्काल उसके द्वारा जीआरपी एवं आरपीएफ को इसकी सूचना दी गई. पुलिस द्वारा उसकी छानबीन करने के बाद यह पता चला कि उक्त सी कूपे में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र सांसद संदीप दीक्षित एवं पुत्रवधू  इस गाड़ी में यात्रा कर रहे थे. श्री दीक्षित से संपर्क करने के बाद उन्होंने बताया कि दिल्ली से ही ए.सी. द्वितीय श्रेणी में आर्किटेक्ट जयेश माथुर उनके मित्र यात्रा कर रहे थे.

अपनी बैग को सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने हमारे केबिन में रख दिया था. हबीबगंज स्टेशन पर गाड़ी पहुंचने के बाद गाड़ी से उतरते समय वे बैग रखना भूल गये. काफी देर बाद जब माथुर ने संदीप से फोन पर बैग के संबंध में जानकारी ली तो संदीप ने बैग केबिन में ही छूट जाने की जानकारी दी तब तक बैग पुलिस के पास कोच अटेंडेंट द्वारा जमा कराया जा चुका था. जीआरपी एवं आरपीएफ पुलिस द्वारा उक्त बैग की जप्ती बनाकर मौका कार्रवाई की गई.

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