भोपाल 9 अगस्त. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आज दिल्ली में प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहनसिंह और रक्षा मंत्री ए.के. एंटोनी से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की गंभीर स्थिति तथा कुछ जिलों में अल्पवर्षा के कारण सूखे के संभावित खतरे के संबंध में अवगत कराया.

आपने प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री को इस मुलाकात के दौरान बताया कि ये दोनों स्थितियां प्रदेश में जिस विकराल रूप में सामने खड़ी हैं-उनसे उसी तैयारी के साथ कारगर ढ़ंग से निपटने की सुविचारित और सुव्यवस्थित व्यापक तैयारियां रा्रजधानी तथा जिला स्तर पर कहीं भी दिखाई नहीं दे रही हैं. आपने बाढ़ और संभावित सूखे से निपटने के लिए प्रदेश को हर संभव केंद्रीय सहायता की मांग प्रधान मंत्री से की तथा रक्षा मंत्री से बाढ़ के हालातों में बचाव और राहत कार्य को ठीक से अंजाम देने के लिए सेना भेजने का आग्रह किया.  भूरिया ने उन्हें यह भी अवगत कराया कि पिछले 10 दिनों के अनुभवों से यह जाहिर हो गया है कि राज्य सरकार स्थिति से निपटने में नाकाम साबित हो चुकी है. राज्य के मुख्य मंत्री केवल हवाई सर्वेक्षण को ही अपने कत्र्तव्य की इतिश्री मान बैठे हैं.

मांगों को लेकर बैठक

भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने अपनी बहुत समय से लंबित 8 सूत्रीय मांगों के संबंध में बैठक आयोजित की. बैठक में मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पुन: स्मरण पत्र दिये जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. साथ ही कर्मचारियों ने प्रशासन द्वारा की जा रही वित्तीय अनियमितताओ, जिसमें नोएडा स्थित सेंटर के लिए नये भवन क्रय किया जाना तथा एक वाहन पुन: क्रय करना भी शामिल है.

प्रदेश के बाहर दिये गये सेन्टरों के संबंध में प्रो. यशपाल ने रवींद्र भवन में स्पष्टï कहा था कि अध्ययन केन्द्र राज्य से बाहर देना सही नहीं है. प्करण न्यायालय में लंबित है जिसमें उक्त संबंध  में पूछे गये सवाल के जवाब में पूर्व में विश्वविद्यालय ने न्यायालय को लिखित में जवाब दिया था कि नोएडा के सेन्टर किराये के भवन में काम चलाऊ कार्य कर रहे हैं. यदि भविष्य में कोर्ट का आदेश बन्द करने का होगा तो हम बन्द कर देंगे ऐसे में शुरूआत से घटे में चल रहे सेन्टर के लिए नया स्थाई भवन क्रय करना कितना उचित है? नोएडा सेन्टर में 100 छात्रों पर 7 प्रोफेसर पहले ही नियम विरुद्घ नियुक्त है. जिन पर होने वाले वेतन व्यय नोएडा परिसर की आय से अधिक है, इसके  बावजूद नोएडा के लिए लगभग 15-20 करोड़ में क्रय किये जाने की कार्यवाही की जा रही है.

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