भोपाल, 24 मई नभासं. माशिमं के कर्मचारियों पर अंकसूची में जन्मतिथि नहीं सुधारने का आरोप लगाकर बोर्ड ऑफिस परिसर में आत्महत्या का ड्रामा करने वाली महिला फर्जी निकली.

हकीकत तब सामने आयी, जब एक महिला अपने साथ कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी मूल दस्तावेज लेकर गुरूवार को बोर्ड ऑफिस पहुंची. महिला का प्रमाण पत्र देख सभी भौचक रह गए. क्योंकि 16 मई को उसी नाम की एक महिला ने मार्कशीट मे जन्मतिथि नहीं सुधारने का कर्मिचारियों पर आरोप लगाया था और बाद में बोर्ड आफिस परिसर में केरोसीन डालकर खुदकुशी करने का ड्रामा किया था.  माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केदार शर्मा ने आज यहां पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि 16 मई को जिस आरती ने मंडल पर बेमुद्दत आरोप लगाए थे, वह फर्जी महिला थी.

उन्होंने बताया कि जिस महिला की मार्कशीट में वास्तव में जन्मतिथि अंकित नहीं है वह आज सतना से भोपाल पहुंची है. महिला ने बताया कि वह लंबे समय से मंडल के संपर्क में पत्राचार के माध्यम से मंडल से जुड़ी हुई है. उसने बताया कि जो महिला 16 अप्रैल को यहां हंगामा करके गई है वह फर्जी है. मंडल पहुंची असली आरती पांडे ने बताया कि उसने करीब छह:सात साल पहले अपने मकान मालिक लल्लू  लाल मिश्रा को मार्कशीट में जन्मतिथि की तारीख सुधरवाने के लिए दी थी, एक बार और मकान मालिक द्वारा उससे नौकरी दिलाने के नाम पर मार्कशीट की फोटो कॉपी ली गई. शायद यहीं से उस फर्जी महिला ने अंक सूची की फोटो कांपी प्राप्त की हो. आरती पांडे फिलहाल सतना के वामनगांव की आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं.

नकली से असली की चाहत:- सचिव शर्मा ने बताया कि आरोपी आरती देवी ने असली मार्कशीट की नगली  फोटो कॉपी कर उसकी असली मार्कशीट निकालना चाहती थी. अफसरों ने आगे   बताया कि फर्जी महिला ने इलाहाबाद में रेलवे की नौकरी के लिए आवेदन दिया था. जहां उसे आठवीं कक्षा की असली अंकसूची प्राप्त करना था. शायद इसी लिए उसने ऐसा किया होगा. लेकिन बात बिगड़ गई.

कहां से पाई नकली मार्कशीट:

आरोपी आरती उक्त महिला की नकली मार्कशीट कहां से पाई. इसका जवाब असली आरती व शिक्षा मंडल अधिकारी भी नहीं बता पा रहे. जबकि इस मामले में आरोपी महिला को पुलिस ने 16 मई को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन उस दौरान इस मसले पर पूछताछ नहीं हो सकी थी. बताया जाता है कि अब महिला का कहीं सुराग भी नहीं लग रहा. हालांकि मंडल अधिकारी जल्द ही इसकी शिकायत पुलिस से करेंगे.

मकान मालिक पर शक:

जैसा की आरती ने बताया कि उसने अपनी मार्कशीट में संशोधन कराने के लिए दो दफा अपने मकान मालिक को मार्कशीट की मूल प्रतियां दी थी. शायद मकान मालिक सतना का है और आरोपी महिला इलाहाबाद की है. शायद आरोपी महिला व आरती के मकान मालिक की जान पहचान की हो. अन्यथा आरोपी महिला अपने ही नाम की महिला की मार्कशीट ढूढ़ पाना मुश्किल होता. पुलिस आरती के मकान से भी पूछताछ कर सकती  है.

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