विरोध में 31 मई को भारत बंद

नई दिल्ली, 27 मई. केंद्र में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार को भ्रम सरकार करार देते हुए भाजपा ने रविवार को कहा कि केंद्र में जनविरोधी और महंगाई माफिया से सांठगांठ वाली सरकार के खिलाफ 31 मई को भारत बंद के दौरान पार्टी के सभी नेता, सांसद और विधायक अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों में भाग लेंगे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली भ्रम सरकार (भ्रष्टाचार-महंगाई) के समय में पूरे देश में बेहताशा और कमरतोड़ महंगाई के कारण लोग त्रस्त हैं और हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि देश में रिकार्ड उत्पादन और विश्व में कचे तेलों के घटते दामों के बावजूद सरकार हर दो माह में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी के दाम बढ़ा रही है। अनाज के रिकार्ड उत्पादन के बावजूद विदेशों से 10 गुणा दामों में अनाज खरीद कर भारतीय बाजारों में बेचा जा रहा है.

जबकि भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित अनाज गोदामों में सड़ रहा है। नकवी ने कहा कि यह केंद्र में घोटालेबाजों और महंगाई माफिया के नापाक गठबंधन का नतीजा है जिससे आज गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी, नौजवाज सभी इस भ्रम सरकार के बेरहम मार से घायल और परेशान हैं। भाजपा नेता ने कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाकर इस भ्रम सरकार ने साबित कर दिया है कि वह तेल माफिया के एजेंडे पर काम कर रही है।

पेट्रोल पर वैट कम कर सकते हैं राज्य

चेन्नै. पेट्रोल की कीमतों में कमी के लिए केंद्र सरकार पर बढ़े दबाव के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने कहा है कि राज्य सरकारें लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट में कमी कर सकती हैं।

नारायणसामी ने  कहा, राज्य वैट में कमी कर सकते हैं और इससे पेट्रोल की कीमत में कमी लाने में मदद मिल सकती ह। पेट्रोल की कीमतों में हुए साढ़े सात रुपए के इजाफे से केंद्र सरकार को विपक्ष के साथ-साथ यूपीए के घटक दल डीएमके और तृणमूल कांग्रेस के भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जयललिता की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर राय के लिए केरोसीन तेल का अधिक आवंटन की मांग के बाबत नारायणसामी ने कहा, राय को एलपीजी के आवंटन में इजाफा हुआ है। बहरहाल, केंद्र सरकार तमिलनाडु की ओर से केरोसीन तेल की मांग के मामले पर विचार करेगी।

रुपए में गिरावट थामने के प्रयास जारी : प्रणब

कोलकाता. वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रुपये के मूल्य में गिरावट के लिए घरेलू और वैश्विक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है. प्रणब ने कहा भारतीय रिजर्व बैंक रुपये में गिरावट थामने के लिए कदम उठा रहा है.

प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि प्रत्यक्ष कर से मिलने वाला राजस्व देश के सकल घरेलू उत्पाद  का 12 प्रतिशत होना चाहिए। प्रत्यक्ष कर का जीडीपी में अपेक्षित योगदान नहीं है, जबकि यह अधिक प्रभावी है। राजस्व में प्रत्यक्ष कर की भागीदारी बहुत कम है, लेकिन मेरी जल्द ही इसे जीडीपी का 12 प्रतिशत तक पहुंचते  देखने की इच्छा है और वह भी स्थिर मूल्य पर, न कि मौजूदा मूल्य पर। मुखर्जी शहर के पहले आयकर सेवा केंद्र (एएसके) के उद्घाटन के सिलसिले में यहां पहुंचे थे, जिसकी स्थापना करदाताओं की मदद के लिए गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मैंने प्रत्यक्ष कर से 5.7 लाख करोड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल किया है। मुखर्जी ने कहा कि एएसके न केवल पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि यह लोगों को निर्बाध सेवा भी मुहैया कराता है। लोगों को एक कार्यालय से दूसरे में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि एएसके एकल विंडो केंद्र है। आयकर विभाग ने देशभर में ऐसे 50 केंद्र खोलने की योजना बनाई है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता व हुगली में ऐसे केंद्र हैं, जबकि दुर्गापुर और जलपाईगुड़ी में जल्द ही ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे।

Related Posts: