शॉपिंग काम्पलेक्स और दुकानों में पानी भरा, घण्टों रहा शहर में जगह – जगह जाम

भोपाल,7 अगस्त,नभासं.राजधानी में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा से दूसरे दिन भी राजधानीवासी परेशान रहे. मंगलवार सुबह छह बजे से शुरु हुई मूसलाधार बारिश से नए और पुराने शहर समेत भेल टाउनशिप, उपनगर कोलार और बैरागढ़ की 120 से ज्यादा कॉलोनियों के घरों में कई इलाकों के शॉपिंग काम्पलेक्स और दुकानों में पानी भर गया.

अयोध्या नगर बायपास राजीव नगर,दशहरा मैदान भेल और एम.पी.नगर में चेतक ब्रिज इलाके में सडकों पर दो से तीन फुट तक पानी भर जाने से यातायात बाधित रहा. इसके साथ ही बागमुगलिया ग्यारह नंबर बस स्टाप,न्यू कैम्पियन स्कूल इलाके और कुछ अन्य इलाकों में पानी बस्तियों और घरों में घुस गया. इन बस्तियों के लोग अपने घरों से बाहर ही नहीं निकल पा रहे.

पानी में फंसे वाहन

शहर के कई प्रमुख मार्गो के चौराहों और अंडरब्रिज में पानी भरने से लोगों के वाहन पानी में फंस गए . कई इलाकों की निचली बस्तियों और मकानों में पानी घुस गया.इस दौरान पुलिस नियंत्रण कक्ष के कमरों में भी पानी भर गयौ. वर्षा के चलते कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव ने राजधानी के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है. इस आदेश के पहले ही कई निजी स्कूलों के प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया था.

अस्पताल में भर्ती घायल

गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने दुर्गा नगर झुग्गी-बस्ती में अति वृष्टि से गिरी दीवार के कारण मृत व्यक्तियों के परिजन से मिल कर उन्हें ढाँढस बँधाया. गृह मंत्री ने जयप्रकाश अस्पताल पहुँचकर वहाँ भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी भी डॉक्टरों से ली. जे.पी. अस्पताल में श्रीमती ममता, रामवती और रूबी भर्ती है.अति वृष्टि से गिरी दीवार में दब जाने से केसर सोंधिया और दो बच्चे पंकज और शुभम की मृत्यु हो गयी. तात्कालिक सहायता के रूप में मृतकों के परिजन को दस-दस हजार और घायलों को दो-दो हजार रुपये स्वीकृत किए गए.

व्यवस्थाओं का जायजा

रात में हुई भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने आज अलसुबह अपना रूख उन बस्तियों की ओर किया जहां पानी के भराव की संभावनाएं थीं. कलेक्टर ने अशोका गार्डन, महामाई का बाग, रूपनगर बस्ती, सुदेश नगर, पुरूषोतम नगर आदि बस्तियों का दौरा किया जहां पानी के भराव के चलते जनजीवन प्रभावित था. इस मौके पर आयुक्त नगर निगम  रजनीश श्रीवास्तव, एडीएम उमाशंकर भार्गव सहित अन्य अधिकारी थे.

क्षति का सर्वे होगा

अतिवृष्टि से जिन रहवासियों को नुकसान हुआ है उनका सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे के आधार पर आर.बी.सी.6-4 के प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता दी जायेगी. वर्षा से प्रभावित ऐसे परिवारों को जिनको तात्कालिक सहायता की जरूरत है उन्हें तात्कालिक सहायता मुहैया कराई जाएगी.  कलेक्टर ने सुदेश नगर, पुरूषोतम नगर और दुर्गा नगर के वर्षा प्रभावित ऐसे परिवारों को जिनके आवास पूरी तरह रहने लायक नहीं बचे हैं उनको तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. इन परिवारों को भोजन आदि की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए.

सामान्य से अधिक वर्षा

राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से 7 अगस्त, 2012 तक 14 जिलों में सामान्य से अधिक, 26 जिलों में सामान्य और 10 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है. वर्षा एवं बाढ़ से 20 जन हानि, 245 पशु हानि और कुछ जिलों में मकानों को क्षति हुई है. कई जिलों में फसलों को भी क्षति पहुँची है, जिसका आकलन राजस्व विभाग द्वारा किया जा रहा है. बाढ़ प्रभावितों की तात्कालिक सहायता के लिये जिलों को पर्याप्त धनराशि आवंटित की जा रही है.

दो दिन का अवकाश

राजधानी में जारी जोरदार बारिश के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन के अवकाश की घोषणा की है. भोपाल में भारी बारिश से जनजीवन व आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ . सड़कों पर पानी भर गया जिससे बच्चे भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे थें. इन्हीं हालातों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मंगलवार व बुधवार की स्कूलों में अवकाश की घोषणा की .

स्कूल लगने के बाद छुट्टी

मंगलवार को सुबह से ही स्कूलों में विद्यार्थियों की भारी कमी देखी गई. इस दौरान सेंट्रल स्कूल सहित जिन स्कूलों में छात्र-छात्राएं पहुंच गए थे, उन्हें दोपहर तक लगाया गया. इसके बाद जिला कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव के आदेश पहुंचते ही छुट्टी कर दी गई.उधर, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से संबंधित स्कूलों के समूह सहोदय ग्रुप ने भी अलग से सर्कुलर जारी कर अपने से संबद्ध स्कूल संचालकों को बुधवार तक छुट्टी करने क ो कहा.ग्रुप के सचिव फादर फ्रांसिस मारिया ने बताया कि हमने अपने से संबद्ध स्कूलों को छुट्टी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.

मुश्किल से चली ट्रेनें

भारी बारिश के कारण मंगलवार को हबीबगंज स्टेशन पर सिग्नल व्यवस्था लडखड़़ा गई. इस कारण अधिकतर गाडिय़ों को अथॉरिटी देकर निकाला गया. सुबह से ही यह क्रम जारी रहा.उन गाडिय़ों को भी यहां पर रोककर या धीरे-धीरे निकाला गया, जिनका स्टॉपेज नहीं हैं. तमिलनाडु, राजधानी, संपर्कक्रांति एक्सप्रेस जैसी गाडिय़ों तक को मात्र 10 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यहां से गुजारा गया.

नया बसेरा में तबाही

नया बसेरा वार्ड नं. 25 सी.एस.डी. बाउंड्री वाल पहाड़ी के ऊपर से भारी मात्रा में पानी आने से सोमवार की रात्रि एच.एस. 214 से 234 के अलावा अन्य मकानों एवं झुग्गियों में बारिश के पानी से भारी तबाही हुई है. यहाँ के लोग रात को सो नहीं पाये हैं एवं एक बच्चे का सिर फूट गया है. क्षेत्र में अधिकांश घरों में पानी घुसने से अनाज एवं खाने-पीने के घरेलू सामान, इलेक्ट्रानिक उपकरण, कापी-किताबें आदि का नुकसान हो गया है. उक्त आशय की जानकारी देते हुए नया बसेरा विकास समिति के अध्यक्ष पं. नरेन्द्र दीक्षित ने बताया कि सी.एस.डी. बाउंड्रीवाल से कभी भी भारी जनहानि हो सकती है. पहले भी इस बाउंड्री वाल के टूट जाने से क्षेत्र के निवासियों को भारी नुकसान हुआ था.

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