चिकित्सा और अभियांत्रिकी की शिक्षा भी हिन्दी में होगी : शर्मा

भोपाल, 2 दिसंबर. उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा के लिये यह ऐतिहासिक अवसर है, जब हम देश में पहली बार राज्य स्तर पर हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए अटलबिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय विधेयक को पारित कर रहे हैं. इस विधेयक का सभी सदस्यों ने पुरजोर समर्थन किया, सर्वानुमति से पारित किया गया.

चर्चा में सभी दलों के सदस्यों ने हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिये सरकार की बधाई दी. लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि भोपाल में विश्व हिन्दी सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. सरकार की कोशिश होगी कि सारी प्रक्रियाएं पूरी कर अटलबिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को यह विश्वविद्यालय भोपाल में प्रारंभ हो सके. शर्मा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय देश में अभूतपूर्व उदाहरण होगा, जहां सभी तरह की शिक्षा हिन्दी में होगी. उन्होंने कहा कि अटलबिहारी वाजपेयी ने हिन्दी की जो सेवा की है,आज का दिन इतिहास में स्मरणीय दिन रहेगा. कि हिन्दी के महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने हिन्दी दिवस पर प्रदेश में हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी. विधेयक पर चर्चा का उत्तर देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि  अमीर खुसरो, महर्षि अरविंद घोष, सुभाषचन्द्र बोस, चक्रवती राजगोपालाचारी, महात्मा गांधी ने हिन्दी को राष्ट्र का प्राण निरुपित किया है. महात्मा गांधी ने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी राष्ट्र गूंगा हो जाता है. उन्होंने यह भी कहा था कि दुनिया से कह दो कि गांधी अंग्रेजी नहीं जानता है.

उन्होंने कहा कि देश के 11 प्रांतों में हिन्दी राजभाषा है. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 41.3 प्रतिशत जनसंख्या हिन्दी भाषी है. जब जापान जापानी भाषा में और चीन अपनी चीनी भाषा में प्रगति कर सकता है तो हम अपनी मातृभाषा में क्यों प्रगति नहीं कर सकते. आज हिन्दी अमेरिका, रोमानिया, फिजी, सूरीनाम, दक्षिण अफ्रीका, इटली, कोरिया, मारीशस जैसे देशों में पढ़ाई जाती है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी न्यूज चैनल से ज्यादा हिन्दी न्यूज चैनल लोकप्रिय हैं. उन्होंने कहा कि कई नायक और नायिकाएं जो हिन्दी भाषी नहीं थे, हिन्दी फिल्मों में आने के बाद ही प्रसिद्घ हुए. उन्होंने देश के फिल्मी नायक रजनीकांत और नायिका रेखा एवं केटरीना कैफ का उदाहरण दिया. शर्मा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय तीन चरणों में प्रारंभ होगा. प्रथम चरण में भाषा एवं साहित्य संकाय के अंतर्गत हिन्दी, संस्कृत एवं अंग्रेजी विभाग प्रारंभ होंगे. इसके बाद इतिहास, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, दर्शन शास्त्र एवं ज्योतिष विज्ञान प्रारंभ किया जायेगा. द्वितीय चरण में विज्ञान, वाणिज्य एवं प्रबंधन तथा चिकित्सा शिक्षा प्रारंभ होंगे और तृतीय चरण में तकनीकी, अभियांत्रिकी, फार्मेसी तथा अन्य संकाय प्रारंभ होंगे.

दुनिया के 180 विश्वविद्यालयों में शोध और पढ़ाई हिन्दी में
उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि राष्ट्रभाषा का सम्मान हमारा मौलिक कर्तव्य है. संविधान लागू होते समय यह कहा गया था कि 15 वर्ष तक अंग्रेजी का उपयोग किया जाता रहेगा और बाद में पूरी तरह से हिन्दी लागू कर दी जाएगी, लेकिन दुर्भाग्य से 60-65 वर्षों  में यह संभव नहीं हो सका. दुनिया के 180 विश्वविद्यालयों में शोध और पढ़ाई हिन्दी में हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने हिन्दी का महत्व प्रतिपादित करते हुए कहा है कि प्रगति करना है तो हिन्दी सीखना होगी.

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