• सायना ने मैरीकोम से पूछा

नई दिल्ली, 17 अगस्त. लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने एक और कांस्य पदक विजेता महिला मुक्केबाज तथा दो बेटों की मां एम सी मैरीकोम से आखिर पूछ ही लिया कि उन्होंने शादी के बाद अपने खेल को कैसे मैनेज किया.

यह दिलचस्प रहस्योद्घाटन खुद मैरीकोम ने यहां भारतीय ओलंपिक संघ के प्रायोजक सैमसंग द्वारा पदक विजेता खिलाडिय़ों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में किया. समारोह में रजत जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार और पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार को सैमसंग की पूर्व घोषणा के तहत 15-15 लाख रपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले निशानेबाज गगन नारंग, पहलवान योगेश्वर दत्त, सायना और मैरीकोम को दस-दस लाख रुपए दिए गए. पांच बार की विश्व चैंपियन और अब ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरीकोम ने रहस्योद्घाटन करते हुए कहा सायना ने मुझसे पूछा कि शादी हो जाने और जुड़वा बच्चे हो जाने के बाद मैंने किस तरह अपने खेल को मैनेज किया. मैंने सायना से कहा आपकी भी शादी होनी है. आपके भी बच्चे होने हैं और आप भी अपने खेल को शादी के बाद मैनेज कर सकते हो लेकिन इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है.

मैरीकोम जब यह बात बोल रही थीं तब उनके साथ बैठी सायना की हंसी नहीं रूक रही थी और सम्मान समारोह में हर तरफ ठहाके गूंज रहे थे. मैरीकोम ने कहा जब मैंने मुक्केबाजी शुरू की थी तब लड़के मुझसे कहते थे कि यह तुम्हारे बस की बात नहीं है. यह लड़कों का खेल है. मैंने उसी समय प्रण किया था कि मैं इन सभी को गलत साबित करके दिखाउंगी और आज मैंने ऐसे लोगों को गलत साबित कर ही दिया.

मैरीकोम ने कहा मुक्केबाजी एक बहुत मुश्किल खेल है और शादी हो जाने के बाद तो परिवार तथा पति के समर्थन के बिना इसे खेल पाना बहुत मुश्किल है. मैं शुक्रगुजार हूं अपने पति और परिवार की जिनके सहयोग से ही मैं शादी के बाद भी मुक्केबाजी कर पायी. इससे पहले सायना ने कहा कि उनके लिए यह वर्ष बहुत अच्छा रहा. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह ओलंपिक में पदक जीत पाएंगी. सायना ने कहा पिछली बार बीजिंग में मैं विश्व रैंकिंग में मैं 18वें नंबर पर थी. क्वार्टरफाइनल में हारने के बाद मैं कई दिनों तक सो नहीं पायी थी. मेरा हमेशा सपना था कि मैं ओलंपिक में पदक जीतूं. बीजिंग में हारने के बाद मैंने प्रण किया था कि मैं अगली बार पदक जरूर जीतूंगी. सायना ने कहा इस बार मैं विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर थी. ओलंपिक से पहले मैं थाईलैंड और इंडोनेशियन ओपन सीरीज जीत चुकी थी. मैंने लंदन में दबाव के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया. मुझे उम्मीद है कि मैं इसी तरह देश के लिए आगे भी और खासकर अगले ओलंपिक में पदक जरूर जीतूंगी.

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