नई दिल्ली, 8 दिसंबर, नससे. कमर तोड़ मंहगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आज कहा कि सरकार को या तो आंकडों के मकडजाल से बाहर निकलकर जनता को राहत दिलाने के लिए कोई रास्ता निकालना चाहिए या सत्ता छोड देनी चाहिए.

श्रीमती स्वराज ने लोकसभा में मंहगाई पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जनता महंगाई से बुरी तरह त्रस्त है लेकिन सरकार आंख मीचकर और कान भींचकर बैठी है. महंगाई की बात करने पर सरकार आंकड़ों के मकडज़ाल में फंसाने की कोशिश करती है.  कुछ मंत्री तो यहां तक कहते हैं कि गरीब अब ज्यादा खाने लगा है इसलिए महंगाई बढ रही है.  वे यह भी कहते हैं कि जनसंख्या बढने से ऐसा हो रहा है. आम आदमी आंकड़ों की भाषा नहीं जानता. वह तो बस यह जानता है कि उसकी जेब से कितना पैसा निकलता है. और उससे उसे क्या मिल रहा है. पेट आकंड़ों से नहीं अनाज के दानों से भरता है. वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के यह कहने पर कि आज आये आंकडों के अनुसार खाद्यान्न मुद्रास्फीति घटकर 6.6 प्रतिशत हो गयी है. उन्होंने कहा कि आम आदमी को इससे कोई राहत नहीं मिली है. विपक्ष की नेता ने कहा कि सरकार महंगाई को घटाने का रास्ता निकाले नहीं तो गद्दी छोड दे. हम नयी राह दिखायेंगे.

महंगाई में कमी आई है: मुखर्जी

केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज दावा किया कि अमेरिका और यूरोप में आर्थिक मंदी तथा कच्चे तेल के दामों में लगातार वृद्धि के बावजूद सरकार ने महंगाई पर काफी हद तक लगाम लगाई है. मुखर्जी ने महंगाई पर हुई अल्पकालिक चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि महंगाई के मोर्चें पर स्थिति उतनी निराशाजनक नहीं है जितनी विपक्ष की ओर से बताई जा रही है. उन्होंने दिल्ली के खुदरा बाजार में अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों के आंकडे पेश करते हुए दावा किया कि दो साल पहले की तुलना में अभी चावल. गेंहू. आटा और दालों के मूल्यों में या तो कमी आई है या मामूली वृद्धि हुई है. वित्त मंत्री के इस दावे का विपक्ष ने प्रतिवाद किया तथा उनका जवाब पूरा होने पर भाजपा और उसके सहयोगी दल तथा वाम दलों ने सदन से विरोधस्वरूप वाक आऊट किया. भाजपा के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि महंगाई रोकने में सरकार असफल रही है तथा वे वित्त मंत्री के भाषण से असंतुष्ट हैं इसलिए सदन से वाक आउट कर रहे हैं. श्री मुखर्जी ने महंगाई से निपटने के लिए विपक्ष का सहयोग मांगते हुए कहा कि सरकार और विपक्ष तथा केन्द्र और राज्य सरकारों के तालमेल से ही इस स्थिति से उबरा जा सकता है.

था मध्यावधि का भय

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि देश में समय से पहले चुनाव कराने की स्थिति से बचने के लिये सरकार को खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के फैसले को स्थगित करने का कदम उठाना पड़ा.

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