सोनिया के घर के सामने मैं बैठुंगा : अन्ना

नई दिल्ली, 15 दिसंबर, नससे. समाजसेवी अन्ना हजारे ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि उन्हें कमजोर बिल किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है. अन्ना ने बताया कि वे 22 दिसंबर तक इंतजार करने को तैयार हैं. यदि मजबूत लोकपाल बिल आया तो वे आभार जताएंगे. यदि ऐसा नहीं हुआ तो देश भर में 1 जनवरी से जेल भरो आंदोलन शुरू होगा. मैं सोनिया के घर के सामने धरना दूंगा.

अन्ना ने साफ किया कि यदि सरकार बेहतर बिल बनाने में विफल रही तो वे 27 दिसंबर को अनशन जरूर करेंगे. प्रस्तावित अनशन स्थल के बारे में उन्होंने कहा कि यह सब कुछ मौसम पर निर्भर रहेगा. मौसम ठीक रहने पर दिल्ली में अनशन होगा. यदि मौसम खराब रहा है तो वे मुंबई में अनशन कर सकते हैं. इससे पहले अन्ना हजारे ने कहा है कि यदि लोकपाल विधेयक को पारित करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है तो संसद के शीतकालीन अधिवेशन की अवधि बढ़ानी चाहिए. हजारे ने अपने प्रमुख सदस्यों के साथ कोर समिति की दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लेने से पहले कहा, ‘यदि जरूरत है तो अधिवेशन की अवधि बढ़ानी चाहिए क्योंकि लोकपाल विधेयक देश के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसे कई मौके आए हैं जब सत्र की अवधि बढ़ाई गई है.संसद का शीतकालीन अधिवेशन 22 दिसम्बर को सम्पन्न हो रहा है.

सत्र का समय बढ़ाओ पर  बिल जरूर लाओ

अन्ना हजारे ने कहा है कि यदि लोकपाल विधेयक को पारित करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है तो संसद के शीतकालीन अधिवेशन की अवधि बढ़ानी चाहिए. हजारे ने अपने प्रमुख सदस्यों के साथ कोर समिति की दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लेने से पहले कहा यदि जरूरत है तो अधिवेशन की अवधि बढ़ानी चाहिए क्योंकि लोकपाल विधेयक देश के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसे कई मौके आए हैं जब सत्र की अवधि बढ़ाई गई है. संसद का शीतकालीन अधिवेशन 22 दिसम्बर को सम्पन्न हो रहा है. अन्ना ने कहा सरकार में हरकोई हमें आश्वासन दे रहा है कि हमें लोकपाल विधेयक मिल जाएगा. मुझे संसद पर भरोसा है. उम्मीद है कि लोकपाल विधेयक इसी शीतकालीन सत्र में पारित हो जाएगा. अन्ना के सहयोगियों की कोर समिति सशक्त लोकपाल के लिए अपने संघर्ष की भावी रणनीति तैयार करने के लिए बैठक कर रही है.

विशेष सत्र बुलाएं : यादव
राजग संयोजक और जद यू अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाये जाने की मांग की.  शरद ने कहा लोकपाल विधेयक को जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए.

तानाशाह पैदा होंगे : ठाकरे
अन्ना हजारे पर निशाना साधने के बाद शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने प्रस्तावित जन लोकपाल बिल का विरोध किया है. उनका कहना है इस बिल से देश में लीबिया के पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी जैसे शासक पैदा होंगे. सभी सदस्यों को अपने विचार रखने का मौका मिलना चाहिए. लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए. सांसदों को अनुच्छेद 105 के तहत संरक्षण प्राप्त है और इसमें कोई बदलाव नहीं होना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए, शरद ने कहा, ‘सीबीआई को स्वायत्त निकाय रहना चाहिए और इसे किसी के नियंत्रण में नहीं होना चाहिए. सरकार को इसे ध्यान में रखना चाहिए. प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने के बारे में पूछे जान पर उन्होंने कहा,’प्रधानमंत्री के विषय पर एकराय है. लेकिन जो कुछ हो, उसमें जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर विषय है जिसमें सभी लोगों की राय ली जानी चाहिए.

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