एमपी में कहीं विरोध तो कहीं समर्थन

अन्ना के आंदोलन को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि अन्ना की ठेकेदारी नहीं है जनलोकपाल. अन्ना ही ठेकेदारी क्यों उठाये है. संसद जनता का प्रतिनिधित्व करती है जो फैसला संसद का होगा वही मान्य किया जायेगा. पांच आदमी सड़क पर बैठकर निर्णय नहीं ले सकते. श्री तिवारी ने कहा कि जन लोकपाल की ठेकेदारी अन्ना न ले. संसद का जो निर्णय होगा वही सर्वमान्य रहेगा.

व्यापारी रामदेव तो फ्लाप बाबा – वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के.के. मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में संसद कानून बनाने और उसमें संशोधन का संवैधानिक अधिकार रखती है. ऐसे में कुछ लोग जो मात्र उंगलियों पर गिनने वाले हैं, वे भारतीय लोकतंत्र और संसद का अपहरण कर देश को झकझोरने की कोशिश कर रहे हैं, जो न्यायसंगत नहीं है. अन्ना के आंदोलन का उद्देश्य तो समझ में आता है, जिसे लेकर देश का हर नागरिक उद्वेलित है, किन्तु अन्ना के इर्द-गिर्द जुड़े लोग नैतिक तौर पर कितने ईमानदार हैं, इस बात को भी सोचना होगा. संघ और भाजपा के दूसरे फ्लॉप हो चुके बाबा रामदेव भी अन्ना हजारे के ही डाक संस्करण हैं. उन्होंने संतों के पवित्र भगवा वस्त्र को भी आहत किया है. अन्ना को इन्हीं तीन दिनों में अनशन की जरूरत क्यों पड़ी, इससे यह साबित हो गया है कि वे संघ और भाजपा के एजेंट बनकर 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की नाकाम कोशिश करेंगे.

सन्यासी या व्यापारी  – जबलपुर के  विधायक लखन घनघोरिया ने बाबा रामदेव पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि चाहे पूर्व में जो भी संन्यासी हुआ हो सबने राजपाट छोड़, कर्म करते रहे है लेकिन अब उलटा हो गया है. व्यक्ति संन्यासी बन व्यापार में लिप्त हो गए हैं. बाबा रामदेव की अन्ना हजारे से तुलना नहीं की जा सकती है. अन्ना हजारे सही कर रहे हंै , लेकिन जो भी होना है वह संसद में तय होगा, मैदान में अनशन करने से नहीं.

लोकपाल पूरी तरह समर्थ- प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं सहकारिता प्रकोष्ठï के प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह यादव ने यूपीए सरकार द्वारा लेकसभा में पेश लोकपाल विधेयक को जन हितैशी एवं भ्रष्टïचार समाप्त करने में पूरी तरह समर्थ बताते हुए कहा है कि कांग्रेस ने इस विधेयक में आम जनता की भावना को सर्वोपरि रखा है.

समर्थन में धरना – अन्ना को प्रदेश से भी समर्थन मिल रहा है. अन्ना के समर्थन में इंदौर में प्रदर्शन किया गया, वहीं भोपाल में ज्योति टॉकीज चौराहे पर धरना शुरू हुआ. इस धरने में कर्मचारी से लेकर कारोबारी व बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक शामिल हुए. भोपाल के एक फ्यूजन बैंड ने लोकपाल को लेकर एक गीत बनाया है. इस गीत के जरिए लोगों में जनलोकपाल का संदेश पहुंचाया जा रहा है. इतना ही नहीं सरकारी लोकपाल को महज कागजी बताया जा रहा है.

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