शिक्षा से समाज का भविष्य और नेतृत्व सुनिश्चित होता है- प्रो.मेनन

भोपाल,13 दिसंबर. राज्यपाल राम नरेश यादव ने आज यहाँ समन्वय भवन में आईईएस कालेज ऑफ टेक्नालॉजी द्वारा आयोजित पाँचवें आईईएस नेशनल टीचर्स एक्सीलेन्स अवार्ड वितरण समारोह 2011 को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ जीवन के मूल्यों और सामाजिक संस्कारों का ज्ञान देकर ही युवाओं को अच्छा नागरिक बनाया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व है कि वे नई पीढ़ी को भारतीय परम्पराओं, आदर्शों, सिद्धांतों, नैतिकता और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ायें. यादव ने कहा कि आला दर्जे के चरित्र के बिना बड़ी से बड़ी शिक्षा भी देश, समाज के लिए बेमानी है. राज्यपाल ने कहा नैतिक चरित्र, सामाजिक मूल्यों तथा उसकी परम्पराओं में गिरावट का खामियाजा भी समाज और देश को ही भुगतना पड़ता है. राज्यपाल राम नरेश यादव ने आई आई टी, कानपुर के प्रो. डॉ. अविनाश अग्रवाल को इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए डॉ. सी.वी. रमन यंग टीचर्स एक्सीलेन्स अवार्ड से सम्मानित किया. उन्होंने आई आई टी दिल्ली के प्रो. रविशंकर को मैनेजमेंट शिक्षा के लिए डॉ. हरिसिंह गौर अवार्ड दिया. राज्यपाल ने बेलगाम की केएलई यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. चन्द्रकांत कोक्टे को फार्मेसी विज्ञान के लिए डॉ. आर.के. उपाध्याय अवार्ड प्रदान किया. यादव ने मुम्बई की आइसीटी यूनिवर्सिटी के डॉ. जी.डी. यादव को डॉ. सी.वी.रमन अवार्ड फॉर एक्सीलेन्स इन इन्जीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी से सम्मानित किया. इसी प्रकार आइआईएसइआर भोपाल के डॉ. विनोद कुमार सिंह को डॉ. जे सी बोस अवार्ड फार आउटस्टेंडिंग वर्क इन इन्जीनियरिग एंड टेक्नालॉजी एज्यूकेशन से पुरस्कृत किया.

सुप्रसिद्ध विधि शिक्षा शास्त्री और भोपाल की ज्यूडीशियल अकादमी के संस्थापक प्रो. एम.पी. माधव मेनन ने कहा कि शिक्षण दुनिया का सर्वाधिक आदर्श व्यवसाय है. मैं अगले जन्म में शिक्षक ही बनना चाहूंगा क्योंकि भारतीय परम्परा में माता-पिता के बाद सर्वाधिक सम्मानजनक स्थान शिक्षक का ही है. यदि कोई संस्थान शिक्षक का सम्मान करता है तो उस संस्थान को समय और समाज का सम्मान मिलता है. शिक्षक और शिक्षा समाज का भविष्य तय करते हैं और भविष्य का नेतृत्व भी सुनिश्चित करते हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा का जीवन के बाद दूसरा स्थान है. इसके बाद स्वास्थ्य और रोजगार का क्रम आता है. उन्होंने कहा देश में शिक्षा के अधिकार का कानून एक क्रांतिकारी बदलाव है. हर व्यक्ति को जीने के बेहतर अवसर और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए व्यक्ति को शिक्षित करना होगा. माधव मेनन ने कहा कि जिस तरह से हमारे समाज में सत्यता और चारित्रिक गुणों का लोप हुआ है उससे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पतन की स्थिति नजर आती है. युवा पीढ़ी को केवल किताबी ज्ञान ही हासिल नहीं करना है बल्कि जीवन मूल्यों और परम्पराओं के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना है.

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