भोपाल, 9 फरवरी. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि देश से गरीबी दूर करने में सहकारी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. सहकरी संस्थाओं के माध्यम से रोजगार और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाया जा सकता है. गडकरी आज यहां अंतर्राष्ट्रीय सहकरिता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में मुख्यंत्री शिवराज सिह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा विशेष रूप से उपस्थित थे.

गडकरी ने कहा कि कोई भी संस्था हो उसके लिये विश्वसनीयता, नेतृत्व, दृष्टि, त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और प्रतिबद्घता जरूरी है. वर्तमान समय में विश्वसनीयता सबसे बड़ी पूंजी है. उन्होंने कहा कि इतने वर्षों के अनुभव से हमने समझा है कि शासकीय तंत्र की सीमायें होती हैं. सामाजिक, आर्थिक परिवर्तन करना हो तो सहकारी संस्थायें सबसे अच्छा माध्यम है. उन्होंने कहा कि आज देश तेजी से प्रगति कर रहा है परंतु धनवान और अधिक धनवान तथा गरीब और अधिक गरीब होते जा रहे हैं. ऐसे समय में सहकारी संस्थाओं को आगे आकर गरीबों के लिये काम करना होगा. देश और गरीबों के लिये प्रतिबद्घता से काम करके सामाजिक परिवर्तन किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सहकारी कानूनों में सुधार होना चाहिये. पं. दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुये उन्होंने कहा कि जो सबसे पिछड़ा और सबसे गरीब है उसके लिये काम करना ही सच्ची मानव सेवा है. गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर परिवर्तन किया जा सकता है. उन्होंने मध्यप्रदेश की दस प्रतिशत कृषि विकास दर प्राप्त करने के लिये प्रशंसा की. सम्मेलन को बिहार के सहकारिता मंत्री रामाधार ङ्क्षसह ने भी संबोधित किया. सम्मेलन में बाल आप्टे, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण मुसमरिया, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रंजना बघेल, सहकार भारती के अध्यक्ष सतीश मराठे और राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष भंवर ङ्क्षसह शेखावत सहित देश-विदेश के सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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