महानिदेशक पुलिस द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल,21 दिसंबर. शासकीय धन के दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है.

यह बात महानिदेशक पुलिस एस.के. राउत ने आज यहाँ ई.ओ.डब्ल्यू द्वारा आर्थिक अपराध एवं भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकरणों का अन्वेषण विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही. दो दिवसीय इस कार्यशाला में ई.ओ.डब्ल्यू की सभी पाँचों इकाइयों के अधिकारी एवं नवनियुक्त विवेचना अधिकारी भाग ले रहे हैं. महानिदेशक पुलिस राउत ने कहा कि राज्य शासन द्वारा ई.ओ.डब्ल्यू को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक निर्णय लिए गए हैं. अत: शासन की अपेक्षा के अनुरूप भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अपराधों पर त्वरित गति से कार्य करने की जिम्मेदारी इस संस्था के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की है. उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध के मामलों में विवेचना अधिकारी को बारीकी से दस्तावेजों का अध्ययन कर उसकी सही प्रकार से एफ.आई.आर दर्ज करने के साथ ही जाँच, जप्ती एवं न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने का कार्य जिम्मेदारी से करना चाहिए. ऐसे प्रकरणों में जहाँ आवश्यक हो, विशेषज्ञों की राय अवश्य ली जाए. राउत ने कहा कि विवेचना अधिकारी को अपना कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता भी जरूरी है.

ई.ओ.डब्ल्यू का भय, आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों में होने के साथ ही इस बात का ख्याल अवश्य रखा जाये कि सही रूप से कार्य करने वाले कर्मचारी अपना काम सुचारू रूप से करते रहें. प्रारंभ में अजय कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बतलाया कि ब्यूरो में राज्य शासन ने विभिन्न स्तर के 148 नए पद स्वीकृत किए हैं. नवनियुक्त विवेचना अधिकारी न्यायालय में अपना पक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत कर सकें, इस बारे में जानकारी देने कार्यशाला का आयोजन किया गया है. ब्यूरो द्वारा प्रतिवर्ष निराकृत किए जाने वाले प्रकरणों की संख्या अब एक सौ से बढ़कर तीन सौ प्रकरण हो गयी है. इस अवसर पर महानिदेशक ई.ओ.डब्ल्यू. रमेश कुमार शर्मा, ए.डी.जी. (गुप्तवार्ता) ऋषि शुक्ला, महानिरीक्षक ई.ओ.डब्ल्यू. आदर्श कटियार भी उपस्थित थे.

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