भोपाल, 11 अप्रैल, नभासं. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के खिलाफ लामबंद हुए  किराना व्यापारियों और खाद्य एवं पेय पदार्थों के व्यवसाय से जुडे व्यवसाइयों ने तीन दिन के महाबंद के दूसरे दिन भी आज राजधानी में अपना कामकाज बंद रखा.

राजधानी भोपाल में आज भी लोग किराना सामान चाय नाश्ते और खानपान से संबंधित अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए परेशान दिखे. हालाकि राजधानी में कुछेक स्थानों पर इक्का-दुक्का दुकानें खुली रहने से जरूरी सामान खरीदने वालों को थोडी राहत रही.राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिली सूचनाओं के अनुसार बंद का व्यापक असर दूसरे दिन भी रहा.राजधानी के पुराने शहर न्यू मार्केट क्षेत्र दस नंबर बाजार और अन्य स्थानों पर किराना दुकान आइस्क्रीम पार्लर खाद्य पदार्थों की बडी दुकानें और होटल रेस्टारेंट आदि बंद रहे. हालाकि आज न्यू मार्केट के अलावा अन्य स्थानों पर चाय आदि की दुकानें खुली रहीं.

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन के तहत इसी तरह का बंद कल भी रहेगा. कैट के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी राधेश्याम माहेश्वरी ने बताया कि इस बंद को राज्य के अनेक व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस काले कानून के सख्त और व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात करने वाले प्रावधान वापस लेना ही होंगे. राज्य में कानून है प्रभावी-मध्यप्रदेश में यह कानून एक अप्रैल से लागू किया गया है. माहेश्वरी का कहना है कि इसके प्रावधान वास्तव में विदेशी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं और इनसे किसी तरह दिन भर मेहनत करके व्यापार करने वाले देश के करोडों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा.

हॉस्टलर्स की बढ़ी समस्या-पोहा जलेबी और चाय के साथ दिन की शुरूआत करने वाले हॉस्टलर्स और बाहर से आने वाले यात्रियों को आज भी बंद के कारण परेशान होना पड़ा. वहीं कुछ स्थानों पर दुकानदारों ने दुकानें खोल सुबह की बोनी तो कर ही ली और फिर बंद के समर्थन में बाजारों में घूम रही व्यापारियों की टोलियां आते देख दुकाने बंद कर दीं. होटलों में मंथली बेसिस पर भोजन करने वालों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों का सहारा लेना पड़ा.  खाद्य एवं मानक अधिनियम 2006 नियम 11 की विसंगतियों के विरोध में आयोजित बंद के दूसरे दिन भी सुबह से ही लोग निवाले को तरसते रहे.

एमपी नगर में सुबह से ही नाश्ता करने वाले स्टूडेंट्स की भीड़ लगी रहती है लेकिन आज भी यहां पर दुकानें बंद होने से विद्यार्थी परेशान होते दिखाई दिए. यहां  व्यापारी संघ के पदाधिकारी भी दुकानों को बंद कराते नजर आए. वहीं कल बैरागढ़ सब्जी मंडी भी बंद रहेगी.
आईएसबीटी में खुली दुकानें-नए भोपाल में आईएसबीटी में कुछ दुकानें खुली नजर आईं और यात्री चाय  नाश्ता करते नजर आए. दुकानदारों का कहना था कि अगर हम लोग बंद रखेंगे तो फिर खाएंगे क्या.

पुराना शहर भी रहा बंद-कल की अपेक्षा आज पुराने शहर में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला. इमामीगेट, पीरगेट, सोमवारा, चौक बाजार, जुमेराती, हनुमानगंज आदि क्षेत्रों में होटलें बंद थी और यहां पर भी लोगों को चाय तक के लिए परेशान होना पड़ा. चाय नाश्ते से लेकर भोजन तक के लिए हम होटल पर निर्भर है लेकिन अब इनके बंद होने से हम लोगों को अपने दोस्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. मयंक राय, विद्यार्थी-बंद के चलते नए और पुराने शहर में मावा कारोबार भी पूरी तरह से ठप रहा. शहर में रोजाना 25-40 क्विंटल मावा की खपत होती है. भोपाल मावा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष  विजय नेमा और सचिव गिरिराज ने जगह जगह जाकर  दुकानों को बंद करवाया. पूरे शहर में मावा व्यापारी घूमते रहे.

बोट क्लब में बंद कराई दुकानें -लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारी पूरे शहर में घूम-घूम कर दुकानें बंद कराते देखे गए. इस कड़ी में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रवक्ता विवेक साहू की अगुवाई में व्यापारियों ने बोट क्लब जाकर वहां खुलीं खान-पान की दुकानें बंद करा दीं. ओल्ड भोपाल में कैट के कार्यकर्ता दुकानदार को गुलाब का फूल देकर दुकान बंद कराने का आग्रह करते दिखे. उधर, एमपी नगर के जोन-2 में व्यापारियों ने धरना देकर इस अधिनियम के खिलाफ अपना आक्रोश जताया.

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