शिवराज सरकार का तोहफा

भोपाल, 14 अगस्त. मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी  सरकार ने आज यात्रा, आवास भाड़ा और वाहन भत्तों की दरों में वृद्धि करने के साथ वेतन आयोग की कुछ अन्य अनुशंसाओं को मंजूर करने की घोषणा कर शासकीय कर्मचारियों को स्वाधीनता दिवस के तोहफे की सौगात  दी है.

प्रदेश के सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री कन्हैयालाल अग्रवाल ने यहां पत्रकारों से चर्चा में यह घोषणा करते हुए बताया कि राज्य वेतन आयोग की कुछ अनुशंसाएं सरकार ने पहले ही लागू कर दी हैं. अब आयोग की यात्रा, आवास भाड़ा और वाहन भत्तें की दरों में वृद्धि करने की अनुशंसाएं मान्य करने का निर्णय लिया है. इसे लागू करने पर राज्य सरकार पर लगभग 425 करोड़ रूपये अतिरिक्त वार्षिक भार आयेगा.

कर्मचारियों के कार्य के घंटे ् सार्वजनिक अवकाश और अन्य अवकाश पूर्व के अनुसार ही रहेंगे, जबकि वेतन आयोग ने इसमें कमी करने की अनुशंसा की है. उन्होंने बताया कि अब शासकीय कर्मचारियो को गृह भाडा भत्ता वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन के अनुसार तीन से दस प्रतिशत तक मिलेगा. कर्मचारियों को नि:शुल्क आवास सुविधा निश्चित दर के स्थान पर गृह भाडा भत्ते की दर और पात्रता के अनुसार न्यूनतम लायसेंस फीस का भुगतान किया जायेगा. इससे राज्य शासन पर लगभग 225 करोड़ रू. का वार्षिक आर्थिक भार बढ़ेगा.  कर्मचारियों के यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता की दर, ठहरने की पात्रता, घरेलू सामान के परिवहन, स्थानांतरण, अनुदान की अनुंशसाएं मान्य करते हुए लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. इससे करीब 65 करोड़ रूपये वार्षिक भार बढ़ेगा. प्रदेश के चार बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जिला मुख्यालय पर पदस्थ चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के नियमित कर्मचारियों का वाहन, परिवहन, भत्ता 50 से बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है. नि:शक्त कर्मचारियों का वाहन भत्ता 350 रुपये होगा. इससे राज्य शासन पर करीब चार करोड़ रूपये का वार्षिक भार बढेगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र भत्ता में बढोत्ररी करने से लगभग 8 करोड रूप्ये वार्षिक भार आयेगा.

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