भारत के 66वें स्वतंत्रता दिवस पर नये राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने अपना पहला संदेश राष्ट्र के नाम दिया. प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने लगातार 9वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भारतीय गुजराती मूल की अमेरिकी प्रवासी सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में भारतीय ध्वज फहराकर अपने राष्ट्रको नमन किया.

इन 66 सालों में निश्चित ही भारत विश्व समुदाय में पिछड़े राष्ट्र के रूप से उभरकर विकासशील देशों की श्रेणी में आ गया. एशिया महाद्वीप में वह आर्थिक शक्ति के रूप में उभर के सामने आया है. सूचना क्रांति में भारत विश्व में अग्रणी हो गया है. विश्व का आर्थिक सिरमौर अमेरिका भारत में अपने निर्माण की आऊटसोर्सिंग कर रहा है. इलेक्ट्रॉनिकी का अग्रणी राष्टï्र जापान हमसे सूचना प्रौद्योगिकी का ज्ञान ले रहा है. अब हम अपनी सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टïाचार से संघर्ष पर आ डटे हैं. यह न होता तो अब तक हम प्रगति में न जाने कहां से कहां पहुंच चुके होते.

राष्टï्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने अपने प्रथम संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार पर जन-आक्रोश सर्वथा उचित है, लेकिन इसे सड़कों व अनशन तक ले जाकर संवैधानिक संस्थानों की अवमानना सर्वथा अनुचित भी है. ऐसी कार्यवाही से हम अराजकता को ही बढ़ावा देंगे. हमें अपनी संस्थाओं को नष्टï नहीं करना है. जब सरकार अधिनायकवादी बनती है तो प्रजातंत्र का हनन होता है और जब विरोध अन्तहीन होकर सतत चलता है तो हम अराजकता की स्थिति में चले जाते हैं. संसद भारत की और भारत के लोगों की आत्मा है. हिंसा किसी का भी विकल्प नहीं है बल्कि हिंसा से हिंसा बढ़ती ही है. राष्टï्रपति ने कहा कि देश को गरीबी, भूख व रोगों से मुक्ति दिलाने के लिये दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की आवश्यकता है. पिछले दो दशकों में ग्रामीण और बहुत पिछड़े इलाकों में जन-जाग्रति और आर्थिक प्रगति
आई है.

प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र को आश्वस्त करते हुए कहा कि राष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5 प्रतिशत तक हो जायेगा. अन्तरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिति बिगडऩे का राष्टï्र पर असर पड़ा है, लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था का अपना स्वयं का भी मजबूत आधार है जिससे हमारी अर्थव्यवस्था इन आर्थिक झंझावतों में भी सुदृढ़ रही. इस अवसर पर अपनी सरकार के प्रगति के सोपानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह वादा भी किया कि लोकपाल विधेयक अवश्य पारित किया जायेगा और इसके लिये उन्होंने सभी दलों का सहयोग मांगा. भ्रष्टïाचार व कालेधन में प्रभावी कार्यवाही हो रही है

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी.

 

Related Posts: