संघ मुखपत्र पांचजन्य व तोगडिय़ा भी आए घेरे में

नई दिल्ली, 24 अगस्त. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के 20 खातों को बंद करने का फैसला किया है। पूर्वोत्तर के नागरिकों के खिलाफ फैल रही अफवाहों को रोकने की आड़ में ब्लॉक किए गए खातों में संघ परिवार के मुखपत्र पांचजन्य और प्रवीण तोगडिय़ा के खाते भी शामिल हैं।

दिलचस्प बात यह है कि फेसबुक के पन्नों और ट्विटर अकाउंटों को बंद करने की अफरा-तफरी में सरकार ने अपने एक मंत्री मिलिंद देवड़ा का भी ट्विटर हैंडल बंद कर दिया गया है। मिलिंद देवड़ा केंद्र सरकार में संचार एवं सूचना प्रोद्योगिकी विभाग के राज्य मंत्री हैं। हालांकि अभी ये साफ नहीं हो सका है कि मिलिंद देवड़ा का ट्विटर हैंडल सरकारी आदेश से बंद हुआ है या ट्विटर ने ही उनके खाते को निलंबित किया है। इससे पहले असम मामले में सरकार ने कुछ ट्विटर खाते बंद करवाए थे जिसमें पत्रकार शिव अरुर और कंचन गुप्ता के ट्विटर अकाउंट भी शामिल हैं।

अल जजीरा का ट्विटर खाता भी इसमें शामिल है।दूरसंचार मंत्रालय ने यह फैसला 18 अगस्त से 21 अगस्त के बीच लिया। सरकार की ओर से की गई इस कार्रवाई पर दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने देश में ट्विटर का सर्वर न होना समस्या बताया है। सिब्बल ने माना कि फेसबुक और गूगल इस काम में सहयोग कर रहे हैं लेकिन स्थायी हल के लिए तमाम स्टेक होल्डर्स से बात करनी होगी।

इससे पहले गुरुवार को सूचना मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि ट्विटर को 28 खाते तत्काल प्रभाव से बंद करने होंगे। उन्होंने कहा कि ट्विटर ये साफ करे कि वह ऐसा करेगा या नहीं। इस बीच यह भी खबर है कि प्रधानमंत्री के नाम पर बने 6 फर्जी फेसबुक पेज अब तक सक्रिय हैं। सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि सरकार ने सभी अधिकारियों को एक आदेश जारी कर कहा है कि वे विभाग से संबंधित गुप्त या अपुष्ट जानकारी किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर ना डालें। मंत्रालय ने इस बारे में 38 पेज की गाइड लाइन जारी की है।

सिर्फ भड़काउ सामग्री वाली साइटों पर कार्रवाई: शिंदे

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज कहा कि केवल आपत्तिजनक एवं भड़काउ सामग्री डालने वाली सोशल मीडिया खातों पर रोक लगाई जा रही है और अन्य लोगों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ”हम सिर्फ उन साइटों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जो नुकसान पहुंचा सकती हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार सेंसरशिप लगा रही है, शिंदे ने कहा, ”सरकार किसी तरह की सेंसरशिप नहीं लगा रही। जो चित्र दिखाये गये थे, वे बाहर के थे, बर्मा के। इसके कारण देश में दंगे और हिंसा हो रही थी, इसलिये हमने यह फैसला लिया। हम ऐसा कुछ (सेंसरशिप) नहीं कर रहे हैं। सभी लोग, विशेष तौर पर प्रेस और पत्रकार इसके प्रति आश्वस्त रहें।

भड़के मोदी, लगाई काली तस्वीर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने सुरक्षा और घृणा फैलाने से रोकने के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर के कई खातों को बंद करने के फैसले की शुक्रवार को कड़ी आलोचना की। यहां तक कि मोदी ने अपने एकाउंट पर काली तस्वीर लगा दी है । नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर काली डिस्प्ले तस्वीर लगाते हुए आज ट्वीट किया, एक आम आदमी के नाते मैं अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई के विरोध में शामिल हो रहा हूं।  मैं अपने डिस्प्ले पिक्चर को बदल रहा हूं। सबको सम्मति दे भगवान। सामाजिक कार्यकर्ता और स्तंभकार तुषार गांधी ने लिखा, सरकार ट्विटर पर अभिव्यक्ति की आजादी की अनुमति नहीं दे रही है और विपक्ष उसे संसद में बोलने नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, मैं भारत सरकार को ऐसे ट्विटर्स की एक सूची भेज रहा हूं जिन्हें मैं अपने टाइम लाइन से ब्लॉक करना चाहता हूं। यदि वे प्रधानमंत्री को सुरक्षित कर सकते हैं तो मुझे क्यों नहीं?

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