एक माह में बनेगा आईटी भवन

भोपाल,30 अगस्त.उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि प्रदेश में आई.टी. केडर बनाया जा रहा है जिससे सभी विभागों में दक्ष और प्रशिक्षित आई.टी. कर्मी उपलब्ध हो सकेंगे. इससे ई-गवर्नेंस से संबंधित सभी कार्य बेहतर ढंग से हो सकेंगे और मध्यप्रदेश शीघ्र ही ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश में सबसे आगे होगा.

विजयवर्गीय ने आज यहाँ अरेरा पहाड़ी पर बन रहे देश के सबसे नायाब और अत्याधुनिक डाटा सेंटर भवन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने भवन को एक माह में पूरा करने को कहा. विजयवर्गीय ने कहा कि इस सेंटर में शासन के विभिन्न विभागों का डाटा सुरक्षित रखा जाकर उपयोग किया जा सकेगा. निजी संस्थानों को भी इस भवन में अपना डाटा संरक्षित करने की सुविधा दी जा सकेगी. उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अलग पहचान बनायी है. बड़े सूचना प्रौद्योगिकी समूह को प्रदेश में लाया जा रहा है जिससे ई-गवर्नेंस गतिविधियों को गति मिलेगी. विजयवर्गीय ने भवन के विभिन्न खण्ड तथा अभी तक स्थापित किए गए उपकरणों का अवलोकन कर कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.

डाटा सेंटर भवन

लगभग 60 करोड़ रुपये लागत से निर्मित यह भवन भूकंपरोधी है। भवन में अग्नि-सुरक्षा सहित सभी सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. भवन में उच्च सुरक्षा आवश्यकता के अनुरूप सीसीटीवी द्वारा सुरक्षा का प्रावधान किया गया है. अत्याधुनिक स्मोक एवं अग्नि सूचक यंत्रों द्वारा स्वचलित अग्निशमन व्यवस्था के माध्यम से डाटा सेंटर को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है. भवन में एक्सेस कंट्रोल सिस्टम द्वारा अधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश मिल सकेगा.वर्तमान में इस सेंटर में 23 सर्वर तथा 43 सर्वर रेक्स की व्यवस्था है. भवन में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है और पानी का श्रेष्ठतम उपयोग किया जाएगा.

कोल ब्लॉक आवंटन को तत्काल रद्द किया जाए

भोपाल. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने कोयला ब्लॉक आवंटन प्रक्रिया में पारदर्षिता न रखकर मनमाफीक बदलाव किया है जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है. 140 ब्लाकों के लिए 1400 आवेदन पत्र थे ऐसे में चयन किस आधार पर किया गया. उन्होंने कहा कि किसी भी कोयला ब्लाक के लिए आवंटन तय करने के लिए जो तुलनात्मक मूल्यांकन किया गया था जो भी प्रक्रिया अपनाई गई और मानदंड तय किये गये उनका खुलासा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में हुई मनमानी को देखते हुए इन सभी आवंटनों को तत्काल रद्द किया जाय.

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