नई दिल्ली,29 मई. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से विदाई के बावजूद संजय जोशी पर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी का भरोसा बरकरार है। जोशी पहले की तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा का कामकाज देखते रहेंगे। गडकरी के निर्देश के बाद जोशी अब 30-31 मई को यूपी जा रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जिद पर मुंबई की बैठक से ठीक पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी को अलविदा कहने पर मजबूर किए जोशी को गडकरी ने उत्तर प्रदेश में पार्टी का काम पहले की तरह देखने को कहा है। सूत्रों के अनुसार गडकरी ने जोशी से उत्तर प्रदेश में 2014 के लोकसभा चुनाव की तैयारी पर जुट जाने को कहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जोशी ही चुनाव प्रबंधन का काम देख रहे थे। इसलिए जोशी अब उत्तर प्रदेश के स्थानीय चुनावों के मद्देनजर लखनऊ में चुनाव प्रबंधन समिति बैठक में शिरकत करेंगे।

दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू स्थित अपने आवास पर जोशी ने सिर्फ यही कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश में काम करने से नहीं रोका गया है, इसलिए वे लखनऊ जा रहे हैं। दरअसल, भाजपा के ज्यादातर नेता संगठन महासचिव रह चुके जोशी की प्रबंधन क्षमता के कायल हैं। गडकरी उन्हें इसीलिए नहीं छोड़ पा रहे हैं। इधर, जोशी भाजपा में अंदरूनी तौर पर मिल रहे समर्थन से खासे उत्साहित हैं। पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी समेत कई नेता दिनभर उनसे मिलते रहे। मोदी विरोधी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर जाकर उन्हें फूल मालाएं भी पहना दीं। माना जा रहा है कि जोशी जल्दी ही गुजरात जा सकते हैं, क्योंकि गुजरात के मोदी विरोधी नेता उनके साथ एकजुट होने की कोशिश में हैं।

जोशी को मुंबई से पश्चिमांचल एक्सप्रेस से दिल्ली लौटना था। इसकी भनक मिलते ही मोदी विरोधी नेताओं ने गुजरात के रेलवे स्टेशनों पर उनके स्वागत की तैयारी कर दी थी, लेकिन विवाद को रोकने के लिए गडकरी ने जोशी को विमान से दिल्ली भेज दिया।

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