कै बिनेट का मिशन महेश्वर 16 जून को बंटेंगी साईकिलें-यूनिफार्म

एनटीपीसी को बड़वाह में 111.709 एकड़ भूमि

भोपाल,22 मई,नभासं. खरगौन जिले में भले ही महेश्वर विधानसभा उपचुनाव की वजह से भारत चुनाव आयोग की आचार संहिता लगी हो लेकिन शिवराज केबिनेट ने मिशन महेश्वर की सफलता के लिये मंगलवार को फैसला लिया कि 9 जून से 15 जून तक प्रदेशभर में स्कूल चलो अभियान चलाया जायेगा तथा 16 जून को सभी सरकारी स्कूलों में सरकारी स्कीम के तहत छात्र-छात्राओं को मुफ्त साईकिल एवं गणवेश के चैक वितरित किये जायेंगे.

यही नहीं, भारत सरकार की एनटीपीसी लिमिटेड को ताप विद्युत परियोजना की स्थापना हेतु खरगौन जिले की बड़वाह तहसील में 111.709 एकड़ भूमि आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया तथा इसके लिये किसानों की जो भूमि अधिगृहित की जायेगी उसके लिये 5 लाख रुपये प्रति एकड़ या बाजार मूल्य जो भी ज्यादा होगा भुगतान किया जायेगा. यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केबिनेट की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी. उन्होंने बताया कि स्कूल चलो अभियान में प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी जुटेंगे. 16 जून से 22 जून तक जनपद पंचायत स्तर पर इस सम्बन्ध में विधायकों की मौजूदगी में कार्यशालायें भी होंगी. मिश्रा ने बताया कि केबिनेट में इस सम्बन्ध में स्कूल चलो अभियान का प्रस्तुतिकरण भी हुआ.

इधर,खरगौन जिले की महेश्वर विधानसभा सीट पर 12 जून को मतदान तथा 15 जून को मतगणना होनी है जबकि चुनाव प्रक्रिया समाप्त करने की तिथि 18 जून है.  मिश्रा ने बताया कि केबिनेट ने मय बोनस के समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी की भी समीक्षा की. अब तक प्रदेश में कुल 67 लाख मी.टन गेंहू खरीदा जा चुका है जिसमें से 88 प्रतिशत का भण्डारण कर लिया गया है. सर्वशिक्षा अभियान एनपीईजीएल तथा कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की वार्षिक कार्य-योजना की विभिन्न गतिविधियों के लिये 419687.8 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है.वार्षिक कार्य-योजना के मुख्य प्रावधानों के तहत प्रदेश में 803 प्राथमिक शालाओं का माध्यमिक शाला में तथा 179 सेटेलाइट शालाओं का प्राथमिक शालाओं के रूप में उन्नयन किया जायेगा. इसके साथ ही माध्यमिक शालाओं के लिये 13 हजार 22 अंशकालिक अनुदेशक के पद सृजित करने का निर्णय भी लिया गया है.

पलायन करने वाले परिवारों के 6,359 बच्चों के लिये मौसमी अस्थाई छात्रावास तथा शाला-त्यागी एवं शाला से बाहर 39 हजार 597 बच्चों के लिये आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र और 54 हजार 140 बच्चों के लिये गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र की मंजूरी प्राप्त हुई है. प्रदेश के दुर्गम अँचलों, घने जंगलों, अभिभावक-संरक्षण विहीन शहरी क्षेत्रों तथा शालाविहीन बसाहटों के 4,140 बच्चों को आवागमन सुविधा की मंजूरी भी मिली है.

9 नये महाविद्यालय
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में इंद्रगढ़, बकतरा, श्योपुर, जैतहरी, ईसागढ़, सीतामऊ, नटेरन, डोबी तथा टोंकखुर्द में 9 महाविद्यालय आरंभ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसके साथ ही पूर्व से संचालित महाविद्यालयों खिलचीपुर, जावद, लखनादौन, शासकीय विधि महाविद्यालय इंदौर तथा जोबट में नये पदों के निर्माण की स्वीकृति भी दी. इसके साथ ही परसवाड़ा, कुरवाई, पलासिया, चंदेरी, पलेरा, जतारा, नीमच, पिपल्या मण्डी, सिरोंज, लखनादौन और नागौद में नवीन संकाय, नवीन विषय और स्नातक कक्षाएँ प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया गया. इसके साथ ही उज्जैन और सागर में उच्च शिक्षा विभाग के 2 नवीन क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालय शुरू करने की स्वीकृति भी दी गई. महाविद्यालय तथा इन क्षेत्रीय कार्यालय के लिये कुल 377 नये पद भी मंजूर किये गये हैं.

पक्के प्लेटफॉर्म बनेंगे
मंत्रि-परिषद ने उपार्जित गेहूँ के भण्डारण में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिये प्लेटफॉर्म निर्माण के कार्यों के लिये पंचायत एवं ग्रामीण विकास (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, आर.आर.डी.ए. मध्यप्रदेश रोजगार गारंटी काउंसिल) और जल-संसाधन तथा लोक निर्माण विभागों को कार्य विभाग नियमावली एवं वित्तीय शक्ति पुस्तिका नियम के कुछ प्रावधानों से छूट देने का फैसला भी लिया. उपार्जित गेहूँ के भण्डारण के उद्देश्य से चिन्हित जिलों में लोक निर्माण, जल-संसाधन तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराये जाने वाले अतिरिक्त पक्के केप के प्लेटफॉर्म निर्माण की निविदा प्रक्रिया में विभिन्न निर्देशों को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है.

पॉलिसी 2012 का अनुमोदन
उधर,मध्यप्रदेश (इनवेस्टमेंट इन पॉवर जनरेशन प्रोजेक्ट) पॉलिसी 2012 का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में निजी क्षेत्र द्वारा ताप विद्युत परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अब संशोधित नीति मध्यप्रदेश इनवेस्टमेंट इन पॉवर जनरेशन प्रोजेक्ट पॉलिसी 2012 का अनुमोदन भी किया. यह नीति भविष्य में निजी क्षेत्र द्वारा राज्य में स्थापित की जाने वाली ताप विद्युत परियोजनाओं पर लागू होगी. इस नीति के तहत डेव्हलपर द्वारा परियोजना से उत्पादित विद्युत का 10 प्रतिशत अंश परिवर्तनीय दरों पर राज्य को प्रदाय करना होगा और राज्य के बाहर विक्रय की जाने वाली बिजली के लिये 6 पैसे प्रति इकाई का अंशदान राज्य सरकार को देना होगा.

भू-आवंटन
मंत्रि-परिषद ने एनटीपीसी लिमिटेड को खरगोन जिले में पॉवर प्लांट की स्थापना के लिये भूमि आवंटन के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. इस उद्देश्य से खरगोन जिले के ग्राम सेलदा और ग्राम डालची (तहसील बड़वाह) दोनों ग्रामों की कुल 111.709 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया. यह भूमि 5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर या वर्ष 2012-13 की गाइड-लाइन के अनुसार पूर्ण बाजार मूल्य एवं औद्योगिक वार्षिक भू-भाटक जो भी अधिक हो, लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया गया.

अन्य महत्वपूर्ण फैसले
प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों की होल्डिंग कम्पनी एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड के लिये कार्य-निर्धारण के प्रस्ताव का अनुमोदन भी मंत्रि-परिषद द्वारा किया गया. इस संबंध में एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी तथा तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के मध्य मैनेजमेंट एवं कार्पोरेट कार्य अनुबंध हस्ताक्षरित करने की मंजूरी भी दी गई.

मंत्रि-परिषद ने एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी को बैंक से साख सुविधा (स्नह्वठ्ठस्र क्चड्डह्यद्गस्र ड्डठ्ठस्र हृशठ्ठ स्नह्वठ्ठस्र क्चड्डह्यद्गस्र ष्टह्म्द्गस्रद्बह्ल रुद्बद्वद्बह्ल) लेने के लिये 500 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का फैसला भी लिया. यह शासकीय प्रत्याभूति प्रथमत: एक वर्ष के लिये होगी, जो जरूरत के अनुसार वित्त विभाग द्वारा बढ़ाई जा सकेगी.

बाँस कटाई
मंत्रि-परिषद ने बाँस कटाई के काम से मिलने वाले शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत वितरण बाँस कटाई का कार्य करने वाले मजदूरों को करने का निर्णय भी लिया. वर्ष 2011-12 में अर्जित शुद्ध लाभ के वितरण की व्यवस्था इस वित्तीय वर्ष से लागू की जायेगी. इस पर प्रतिवर्ष औसतन 6 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आयेगा. मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की स्थापना पर अस्थाई रूप से सृजित प्रथम श्रेणी के 11 तथा द्वितीय श्रेणी के 17 पदों को आगामी 5 वर्ष की अवधि के लिये परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.

बंदियों का बढ़ा पारिश्रमिक
मंत्रि-परिषद ने एक संवेदनशील फैसला लेते हुए बंदी द्वारा अर्जित की जाने वाली पारिश्रमिक की राशि का एक भाग जो कॉमन फण्ड के रूप में अपराध के पीडि़त पक्ष को प्रतिकर के रूप में भुगतान किया जाता है, उसमें बढ़ोत्तरी की है. वित्त विभाग तथा विधि विभाग के परामर्श के अनुसार धारा 302 के अतिरिक्त धारा 304, 304-ख, 305, 306 तथा 363 से 369 तक तथा धारा 376 के अंतर्गत जिन लोगों को मृत्यु दण्ड अथवा आजीवन कारावास की सजा हुई है, उनसे संबंधित पीडि़त परिवार के सभी सदस्यों को 10 हजार रुपये के बदले अब 25 हजार रुपये प्रतिकर राशि देने का निर्णय लिया गया है.

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