पटना, 6 मई. दिल्ली में एनसीटीसी के मुद्दे पर पीएम के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी का मिलना आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को रास नहीं आया है. लालू ने नीतीश पर जमकर हमला किया.

राजद सुप्रीमों और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने दिल्ली में आयोजित एनसीटीसी की बैठक के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ मिलाने पर उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि को लेकर उनसे आज प्रश्न किया. पटना में आज पत्रकारों से बातचीत में लालू ने कहा कि मोदी के साथ छपी तस्वीर पर नीतीश कुमार आग-बबूला हो गए थे पर उनका नाटक अब लोगों के सामने आ गया है क्योंकि पूरे देश और दुनिया के लोगों ने नई दिल्ली में कल आयोजित एनसीटीसी की बैठक के दौरान उन्हें एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाते हुए देखा और उन्होंने घंटों आपस में बातें की. लालू ने कहा ‘नीतीश कहते हैं कि वे मोदी के साथ दूरियां बरतते हैं पर कल मोदी के साथ मुलाकात के दौरान लोगों ने देखा कि वे किस तरह से मोदी के समक्ष घिघिया रहे थे. मोदी उन्हें बच्चे की तरह फटकार रहे थे.

उन्होंने नीतीश पर गुजरात के सूरत में बिहार दिवस मनाने का नाटक करने का आरोप लगाते हुए कहा ‘नरेंद्र मोदी ने ऐसा थप्पड मारा इनको कि पूछा तक नहीं, खदेड दिया और स्वयं बिहार दिवस मनाया तथा मोदी के समर्थक माने जाने वाले बिहार के मंत्री अश्विनी चौबे को केवल उक्त कार्यक्रम में बुलाया. एनसीटीसी को लेकर कई मुख्यमंत्रियों के विरोध के बारे में पूछे जाने पर लालू ने कहा कि उनकी पार्टी की राय है कि कोई भी काम हो सभी की सहमति से हो और टकराव की स्थिति न उत्पन्न हो. राजद सुप्रीमों ने आरोप लगाया कि नीतीश में इतना अहंकार बढ गया है कि अन्य दलों के विधायकों की बात तो दूर बिहार में जदयू के मंत्री, सांसद और विधायकों तक की बात भी नहीं सुन रहे हैं.

औरंगाबाद जिले में एक सरपंच की हत्या के मामले में हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर राजद सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा आयोजित धरने पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज की निंदा करते हुए लालू ने कहा कि बिहार में अराजकता का मौहाल है. और नीतीश सरकार और उसके प्रशासन के लोग शांतिपूर्ण जनआंदोलन करने वाले लोगों के प्रति दमनात्मक रवैया अपना रहे हैं. सिंह की गत 29 मार्च को गोह-गया राज्य उच्च पथ पर सलेमपुर गांव के पास हत्या कर दी गयी थी.

डर से परेशान हैं …

पटना. लालू प्रसाद यादव को आजकल एक डर सता रहा है. वह इस डर से काफी परेशान से हैं. आखिर लालू के इस डर की वजह क्या है? क्या लालू इस बात से परेशान तो नहीं है कि उनको बिहार में फिर से सत्ता नहीं मिलने वाली है या कोई दूसरी वजह है. दरअसल, लालू की असली परेशानी है चारा घोटाला. लालू के दोस्तों का मानना है कि उनको इस मामले में सजा मिल सकती है. रांची-दुमका ट्रेजरी केस सीबीआई कोर्ट में है और लालू को इस मामले में सजा मिल सकती है.

लालू के नजदीकी रहे जेडीयू के एक नेता ने कहा कि वह भी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं. उनके परिवार के एक करीबी शख्स ने कहा, चारा घोटाले में सजा मिलने के डर से लालू ने जल्दी-जल्दी अपनी 3 बेटियों की शादी कर दी. उन्होंने कहा कि लालू एक बहुत ही जिम्मेदार और बच्चों का खयाल रखने वाले पिता हैं. सूत्रों का कहना है कि केस नंबर क्रष्ट 20/96 गैरकानूनी तरीके से 37 करोड़ निकालने से जुड़ा हुआ है और ऐसा माना जा रहा है कि अगले 3-4 महीने में यह पूरा हो जाएगा. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में लालू दोषी साबित हो सकते हैं और उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है. वकील का कहना है कि इस मामले में ज्यादातर गवाहों ने लालू के खिलाफ सबूत दिए हैं.

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