पेशी पर आए पक्षकारों और गवाहों को परेशानियों का सामना करना पड़ा

भोपाल,5 दिसंबर.नभासं. मध्यप्रदेश अधिवक्ता परिषद के आव्हान पर राजधानी भोपाल सहित राज्य के अन्य जिलो में अधिवक्ताओं ने अपने को राज्य सरकार द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों की अपील पर लगने वाले न्यायालयीन शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में न्यायालयीन काम से दूर रखा.

राज्य सरकार द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में लगने वाली न्यायलीयन शुल्क में की गई वृद्धि का राज्य अधिवक्ता परिषद ने कडा विरोध करते हुए प्रदेश के अधिवक्ताओं से आज न्यायालयों में अपने काम पर उपस्थित नही होने का आव्हान किया था. जिला अधिवक्ता संघ भोपाल के अध्यक्ष एन सी दास ने बताया कि राज्य अधिवक्ता परिषद के आव्हान पर राजधानी में राज्य सरकार के इस निर्णय के विरोध में न्यायालयीन कार्य से अपने को अलग रखकर प्रदर्शन किया. न्यायालयों में अधिवक्ताओं के उपस्थित नही होने से पेशी पर आये पक्षकारों और गवाहों को परेशानियों का सामना करने के साथ वकीलों की तलाश में इधर उधर भटकना पडा. मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों की अपील पर लगने वाले न्यायालयीन शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में भोपाल, जबलपुर सहित अन्य जिलों में भी अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालयीन कार्य से अपने को अलग रखने के समाचार मिले है. अधिवक्ताओं संघों ने ज्ञापन देकर राज्य सरकार से शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की. राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय का कहना है कि मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों की अपील पर लगने वाले न्यायालयीन शुल्क में वृद्धि करने से ऐसे मामलों में पक्षकारों को क्लेम की कुल राशि की दस प्रतिशत रकम न्यायलीयन शुल्क के रूप में जमा करना होगी. जिससे अधिकांश पीडित पक्षकार अपील करने से वंचित हो रहे है. इससे अधिवक्ताओं को काम कम मिलेगा.

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