सिविल सोसायटी को आशंका, देर रात अन्ना को कहीं  ले जा सकती है पुलिस

नई दिल्ली 24 अगस्त. जन लोकपाल पर सरकार और टीम अन्ना की बात फेल होने के बाद अब अन्ना हजारे को कभी भी उठाया जा सकता है. अन्ना हजारे ने कहा कि अगर पुलिस मुझे लेने आए, तो विरोध न करें. सरकार यही चाहती है. यह सरकार की साजिश है.

उन्होंने कहा कि अगर पुलिस मुझे उठाती है, तो सुबह से जेल भरो आंदोलन शुरू कर दें. बुधवार रात करीब सवा 11 बजे प्रणव मुखर्जी से बात कर लौटे अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी और प्रशांत भूषण से मुलाकात के बाद अन्ना हजारे ने तीसरी बार लोगों को मंच से संबोधित किया. उन्होंने लोगों से तोडफ़ोड़ न करने की अपील की और अहिंसक तरीके से आंदोलन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश कि कोई भी जेल खाली न रहे. इसके बाद अन्ना हजारे ने भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए. इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पुलिस अन्ना को रात चार बजे उठा सकती है. हालांकि किरन बेदी ने कहा कि उन्हें पुलिस के आला अधिकारियों से संदेश मिला है कि जब तक अन्ना की हालत गंभीर न घोषित की जाए, तब तक उन्हें नहीं उठाया जा सकता.

आज नये ड्राफ्ट पर सरकार और अन्ना पक्ष के बीच सलमान खुर्शीद के घर पर चल रही बैठक खत्म होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा की दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी. अभी भी दो मुद्दों पर गतिरोध बरकरार है. लेकिन बातचीत सही दिशा में जारी है.

अन्ना हजारे ने अपने तल्ख शब्दों में कहा कि देश के गद्दार आजादी के लिए दी कुर्बानी को भूल गए हैं. अन्ना ने अपनी सेहत पर प्रधानमंत्री के चिंतित होने के बयान के बाद कहा कि अभी उन्हें और नौ दिन कुछ नहीं होने वाला. अन्ना ने लोगों से आह्वान किया कि देश के लिए सब मिलकर लड़ते रहेंगे. अन्ना ने कहा कि वह देश के पुनर्निर्माण के लिए काम जारी रखेंगे.

गांधीवादी अन्ना हजारे के अनशन को आज नौ दिन हो गए, लेकिन वह इस अनशन को खत्म करने से पहले सरकार से लोकपाल विधेयक पर लिखित आश्वासन चाहते हैं. हजारे और उनके सहयोगी फि़लहाल सरकार की ओर से लिखित आश्वासन की प्रतीक्षा में हैं.

टीम अन्ना के एक प्रमुख सदस्य स्वामी अग्निवेश ने कुछ मतभेदों की वजह के बाद अपने आपको टीम की गतिविधियों से अपने आपको अलग कर लिया है. बातचीत में उन्होंने कहा है कि चूंकि अन्ना हज़ारे अपना अनशन ख़त्म नहीं कर रहे हैं और उन्होंने ड्रिप लेने से इनकार कर दिया है इसलिए वे अपने आपको अलग कर रहे हैं. वैसे उन्होंने अपने कुछ मित्रों से ये भी कहा है कि अन्ना हज़ारे का आंदोलन सामाजिक न्याय से सहमत नहीं है इसलिए वे अपने आपको इससे अलग कर रहे हैं.


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को लोकपाल मुद्दे पर आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि कहा कि संसद की स्थायी समिति मजबूत लोकपाल संस्थान के सृजन के लिए व्यापक राष्ट्रीय सहमति बनाने के वास्ते विभिन्न नजरियों के सभी बिंदुओं पर विचार करे. प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्ना हजारे और उनका गिरता स्वास्थ्य हम सभी के लिए चिंता का विषय है. साथ ही हाल के घटनाक्रम ने हमारे संसदीय लोकतंत्र के कामकाज से संबंधित मुद्दे खड़े कर दिए हैं जो हम सभी के लिए चिंता का विषय है.

अन्ना हजारे के समर्थन में आज एक न्यायाधीश भी रामलीला मैदान के मंच पर पहुंचे. न्यायाधीश ने हजारे का समर्थन करते हुए न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में लाने की मांग की. तीस हजारी अदालत के सिविल जज न्यायमूर्ति अजय पांडे ने आज मैदान में भ्रष्टाचार को उखाड़ फ़ेंकने पर अपना संबोधन दिया. न्यायमूर्ति पांडे ने कहा, मैं पार्लियामेंट स्ट्रीट अदालत और दूसरे स्थानों पर न्यायाधीश रहा हूं और मैंने करीब से देखा है कि भ्रष्टाचार कैसे कायम है. हजारे को अपना समर्थन देते हुए उन्होंने कहा कि केवल गरीब आदमी इसके परिणाम भुगतता है और कोई उसके लिए जवाबदेह भी नहीं हो.

शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अन्ना हजारे से अनशन खत्म करने की अपील की है और सामाजिक कार्यकर्ता को सुझाव दिया है कि उनकी जगह उनकी टीम के सदस्य केजरीवाल, बेदी, सिसोदिया को अनशन करने दीजिए और आंदोलन जारी रखने दीजिए.

फि़ल्म वाले तो बस एक ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं कि कोई ऐसी घटना घटे, जिस पर उन्हें फि़ल्म बनाने का मौका मिल जाये. इस समय चारों ओर अन्ना की ही चर्चा है. ऐसे में कुछ निर्माताओं को अन्ना पर फि़ल्म बनाने का विचार आया है. एक निर्माता ने बताया है कि वे अन्ना के जीवन पर फि़ल्म बनाने के बारे में सोच रहे हैं और टीवी पर नजर जमाये हुए हैं. अन्ना का आंदोलन किस दिशा में बढ़ता है, उसके क्या परिणाम होंगे. ये बातें स्पष्ट होते ही फि़ल्म की स्क्रिप्ट फ़ाइनल की जायेगी.

जनलोकपाल विधेयक को लेकर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे की सेहत लगातार बिगड़ रही है और डाक्टरों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है. जबकि हजारे रामलीला मैदान छोड़कर अस्पताल जाने को तैयार नहीं हैं. अनशन के बाद से हजारे का वजन पांच किलो 800 ग्राम कम हो गया है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अन्ना हजारे मामले में प्रधानमंत्री डा सिंह की चुप्पी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री तो मौनी बाबा बने बैठे हैं. शत्रुघ्न सिन्हा ने आज यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ़ जारी आंदोलन का समर्थन किया और इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार के रूख की आलोचना की.

अन्ना उवाच (रात 11.30)

  • मुझे सरकार उठाये तो रोकना मत. हिंसा  मत करना.
  • अपने-अपने सांसदों  का घेराव करना.
  • दिल्ली आना, संसद घेरना, जेल भरना.
  • सरकार का हुकुम्शाहि वाला  असली चेहरा उजागर.
  • जेल हमारी परम्परा है. अलंकार/भूषण है.
  • मेरे जेल जाने के बाद सेकेण्ड और थर्ड लाइन तैयार रहेगी.
  • हमारा आंदोलन संविधान के तहत है.
  • राष्ट्रीय  सम्पत्ति को नुकसान मत पहुंचाना.
  • सरकार संविधान का गला घोट रही है.
  • काले अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसा  का आंदोलन पूरी दुनिया में  मिसाल.

अरविंद  केजरीवाल/किरण बेदी

  • कल के मुकाबले प्रणव मुखर्जी का रुख बदला हुआ था. वे लोग मुकर गए.
  • सरकारी पक्ष बोला- अन्ना का अनशन उनकी और आपकी समस्या है.
  • सरकार बोली- हमसे मत पूछो कि अन्ना को उठाये΄गेक्या. हम इसका जवाब नही΄ दे सकते. वे कल विनम्र थे. आज हमे΄ डांट रहे थे.
  • रात को शायद अन्ना को उठाकर कहीं  और ले जायेंगे .

प्रणब मुखर्जी रात 12.25

  • जो भी होगा संविधान के तहत होगा.
  • सिविल सोसायटी बातचीत को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रही है.
  • हमने टीम अन्ना को सभी दलों  की राय बता दी है.

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