विंडीज की नजर रोमांच बनाए रखने पर

इंदौर, 7 दिसंबर. पांच मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाए हुए टीम इंडिया गुरुवार को इंदौर में होने वाले चौथे मैच में निर्णायक बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगी, जबकि वेस्टइंडीज की नजर सीरीज का रोमांच बनाए रखने पर होगी. भारत को होलकर स्टेडियम में शुरू हो रहे इस मैच में अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की खराब फार्म से निपटना होगा.

वेस्टइंडीज ने अपने से मजबूत मेजबान टीम के खिलाफ कटक और विशाखापट्टनम में पहले दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा. मेहमान टीम हालांकि अहमदाबाद में करो या मरो का मुकाबला जीतने में सफल रही जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा. मोटेरा के सरदार पटेल गुजरात स्टेडियम में रोहित शर्मा के अलावा भारत के अन्य बल्लेबाज वेस्टइंडीज के गेंदबाजों का सामना करने में विफल रहे थे. सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजों को खराब फार्म से उबरना होगा. भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता कप्तान वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की दिल्ली की जोड़ी की खराब फार्म है जो अब तक तीनों ही मैचों में विफल रहे हैं. भारत को अगर सीरीज में अजेय बढ़त बनानी है और इंग्लैंड को 5-0 से हराने के बाद लगातार दूसरी वनडे सीरीज अपने नाम करनी है तो सहवाग और गंभीर को बेहतर प्रदर्शन करना होगा. सहवाग ने अहमदाबाद में शिकस्त के बाद कहा था कि हमें शीर्ष क्रम पर ध्यान देना होगा. हमें अच्छा प्रदर्शन करना होगा. हमें टीम के रूप में अच्छी शुरुआत देनी होगी जिससे कि आगामी मैचों में किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकें और वेस्टइंडीज को कोई भी लक्ष्य दे सकें.

धोनी की अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्थिव पटेल ने अहमदाबाद में 39 रन की पारी के दौरान कुछ अच्छे शाट लगाए थे लेकिन उन्हें अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना होगा. भारतीय गेंदबाज भी अहमदाबाद में अंतिम ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे. उमेश यादव और अभिमन्यु मिथुन के खिलाफ इस मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी और आंद्रे रसेल ने जमकर रन बटोरे. यादव को अंतिम दो मैचों के लिए ब्रेक दिया गया है और उनकी जगह लगभग ढाई साल से टीम से बाहर इरफान पठान को टीम में शामिल किया गया है. अंतिम एकादश में पठान को शामिल करने से तेज गेंदबाजी आक्रमण में विविधता आएगी. पठान को रणजी ट्राफी के मौजूदा सत्र में बड़ौदा की ओर से अच्छे प्रदर्शन का फायदा मिला है.

इसके अलावा उनका अनुभव गेंदबाजी आक्रमण के लिए अहम होगा जबकि बाएं हाथ का यह खिलाड़ी जरूरत पडऩे पर बल्लेबाजी से भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम है. पठान और आर विनय कुमार वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को परेशान कर सकते हैं जिसके डेरेन ब्रावो के बिना उतरने की संभावना है. ब्रावो की मांसपेशियों में तीसरे वनडे में बल्लेबाजी के दौरान खिंचाव आ गया था और वह दोबारा मैदान पर नहीं उतरे. उनकी अनुपस्थिति वेस्टइंडीज की टीम के लिए बड़ा झटका है. मेहमान टीम के बल्लेबाज को एक बार फिर आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी से निपटना होगा जिन्होंने अहमदाबाद में काफी किफायती गेंदबाजी की थी. बीच के ओवरों में लय कायम रखने के लिए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को इन दोनों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा. मार्लोन सैमुअल्स ने अहमदाबाद में अर्धशतक जड़कर बल्ले से बेहतर प्रदर्शन किया और उनकी फार्म में वापसी टीम के लिए अच्छा संकेत है.तेज गेंदबाज रवि रामपाल ने अब तक टीम के लिए टेस्ट और वनडे मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है जबकि मेहमान टीम अहमदाबाद में पदार्पण करने वाले आफ स्पिनर सुनील नरेन की गेंदबाजी की विविधा और नियंत्रण से भी खुश होगी. इस आफ स्पिनर ने तीसरे वनडे में 34 रन देकर दो विकेट चटकाए. वेस्टइंडीज की गेंदबाजी हालांकि थोड़ी कमजोर रही है और अगर भारतीय बल्लेबाज अहमदाबाद की गलती नहीं दोहराते हैं तो मेहमान टीम के गेंदबाजों को एक बार फिर मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. पिच क्यूरेटर समुंदर सिंह चौहान ने कहा था कि पिच बल्लेबाजी के अनुकूल होगी. हालांकि देखना होगा कि यह कितना सही रहता है, क्योंकि पहले दो मैचों में बल्लेबाजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.

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