जबलपुर, 15 दिसंबर, नभाप्र. लोकायुक्त के विशेष सत्र न्यायाधीश ने मीटर खरीदी घोटाले में आरोपी बनाये गये पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सदस्य पूर्व इंजीनियर व अन्य को दोषी पाते हुये तीन-तीन साल की कारावास तथा एक-एक लाख जुर्माना सुनाया है.

विशेष लोकायुक्त के सत्र न्यायाधीश प्रद्युम्मन सिंह ने अपने 60 पृष्ठ महत्वपूर्ण फैसले में मप्र राज्य विद्युत मंडल के पूर्व अध्यक्ष एसकेदास गुप्ता 62 वर्ष निवासी कोलकाता एवं पूर्व सदस्य बीके मेहता 65 वर्ष निवासी वंदना नगर इंदौर पीसी मण्डलोई 65 वर्ष निवासी विद्या नगर इंदौर, एमसी पंत 65 वर्ष निवासी नया गांव जबलपुर तथा पूर्व चीफ इंजीनियर एनपी श्रीवास्तव 64 वर्ष निवासी सैनिक कालोनी जबलपुर को भ्रष्टïाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)डी, 13(2) एवं 120 बी भादवि का प्रयोग करते हुए आरोपियों को दोषी पाते हुये तीन-तीन साल की कारावास की सजा व एक-एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है जुर्माना न चुकाने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997-98 में नो टेंशन फेस 2 वायर वायर होल करेंट एनर्जी मीटर की पूर्ति की जानी थी. विद्युत मंडल की इवेंटी कंट्रोल कमेटी ने 14 मार्च 97 को एक बैठक में 2.5 से 10 एम्पीयर के 30 हजार तथा 5.20 एम्पीयर के 1 लाख 70 हजार एनर्जी मीटर खरीदने का निर्णय लिया. विद्युत मंडल में 1 करोड़ रुपये की कोई भी सामग्री खरीदने पर संपूर्ण बोर्ड की अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन आरोपियों ने कोई सहमति नहीं ली.

और एनर्जी मीटर खरीदी का जिम्मा चीफ इंजीनियर भंडार एवं क्रय को सौंप दिया. निविदा आमंत्रित समाचार पत्रों के माध्य से की गई थी जिसमें दिल्ली की कम्पनी मेसर्स टॉवर एवं ट्रांसफार्मर तथा मेसर्स नाकोडा मीटर्स आदि ने कम रेट डाले, किंतु सबसे ज्यादा रेट मेसर्स इंडिया मीटर्स चेन्नई ने डाले थे. मेसर्स इंडिया मीटर्स चेन्नई ने सबसे अधिक रेट डालने के बावजूद भी सभी आरोपियों ने एक राय होकर कूटरचित तरीके से एकतरफा निर्णय लेकर एनर्जी मीटर सप्लाई करने का ठेका मेसर्स इंडिया मीटर्स चेन्नई को दे दिया. इस तरह से विद्युत मंडल के तात्कालीन अध्यक्ष, सदस्यों व चीफ इंजीनियर ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए महंगी दर में बिजली के मीटर खरीदे और विद्युत मंडल को 6 करोड़ 43 लाख 74 हजार 9 सौ रुपयों की हानि पहुंचाई थी. तदुपरांत लोकायुक्त को सूचना मिलने पर लोकायुक्त ने जांच की और मामला सही पाते हुए, सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्घ कर चालान लोकायुक्त न्यायालय के समक्ष पेश किया था. गुरूवार को इस मामले की सुनवाई करते हुये

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