शराब और आठ मुर्गे की दावत झाडऩे के बाद पंचों ने सुनाया था फैसला

छिंदवाड़ा, 23 दिसंबर.नससे. जाति समाज के पंचों ने पूजा-पाठ के नाम पर शराब और आठ मुर्गों की दावत झाड़ी. इसके बाद जेठ द्वारा अपने छोटे भाई की पत्नी याने बहू के साथ बलात्कार के मामले में फैसला सुनाया.

घर की बात घर में रखने और माफी के लिये ‘जात मिलौनी’ का फरमान सुनाया. जिसके अनुसार जिसकी एक बार आबरू लूट चुकी उसे फिर सबके सामने शर्मशार होना पड़ा. नदी में खड़ा रखकर उस फरियादी महिला और अपराधी जेठ दोनों का मुंडन कराया गया. यह घटना जिला मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर दूर कुंडालीखुर्द गांव में 20 दिन पूर्व हुई. गांव के पंचायत जनप्रतिनिधि और सूत्रों की माने तो पुलिस को भी इस घटना की खबर हो गई थी. परंतु दोनों मौन और निष्क्रिय रहे. पुलिस ने अनदेखी इसलिए की कि आदिवासी गौड़ जाति समाज का मामला कौन झंझट में पड़े है. राजनीतिक प्रतिनिधि इसलिये चुप रहे कि हस्तक्षेप करने से वोटों का गणित गड़बड़ा जाएगा. परंतु यह मामला उजागर तब हुआ जब पहले जेठ, फिर जात पंचायत के हाथों दुराचार के बाद पति ने भी उसके साथ अत्यचार शुरू कर दिया. पति ने उसका एक दूधमुहा और दो बच्चे छिनकर घर से भगा दिया. जबकि पत्नी के बलात्कारी बड़े भाई को पति ने अपने साथ ही रखा था. इस पर वह महिला अपने मायके जा पहुंची और अपनी मां और भाई के साथ कुछ जागरूक लोगों की मदद से पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार की. तब पुलिस सक्रिय हुई और जेठ के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया. पीडि़त महिला ने ‘नवभारतÓ को बताया कि उसके जेठ ने जब घर में वह अकेली थी तब खाना देने के बहाने बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती की थी. उसने उसी दिन अपने पति और परिवार को घटना बताई थी. तब थोड़े विवाद के बाद उसके पति ने ही इस मामले को सुलझाने पंचायत बुलवाई. इस अपमान के बाद भी वह अपने बच्चों के लिये पति के साथ रहना चाहती थी, परंतु पंचायत के फैसले के बाद पति ने भी उसे घर से निकाल दिया था.

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