माधुरी दीक्षित को भारत लौटे कुछ महीने बीत चुके हैं. भारत लौटने के बाद वह एक साथ कई गतिविधियों में व्यस्त हो गयी हैं. फिलवक्त वह चैनल लाइफ़  ओके में सूत्रधार की भूमिका निभा रही हैं. वह पहले से ही चैनल फ़ूड फ़ूड की ब्रांड एंबैस्डर है. इसके अलावा वह कई विज्ञापनों में भी नजर आ रही हैं. वह जल्द ही बॉलीवुड की कई   फि़ल्मों में काम करती नजर आयेंगी. माधुरी का कहना है कि वह अपनी शर्तो पर काम करेंगी. शर्त रखे भी क्यों नही, ओखर दीवा की एकमात्र हकदार भी तो वही हैं. पुराने जमाने की अभिनेत्रियों के बाद भारत में इसकी एकमात्र हकदार माधुरी ही हैं. शायद इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने बॉलीवुड में दोबारा वापसी की.

दरअसल, माधुरी के लिए उनका पहला प्यार हमेशा से बॉलीवुड रहा है. बावजूद इसके शादी के बाद उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी आत्मा बॉलीवुड से दूर नहीं रह पायी. अमेरिका में सारे ऐशो आराम होने के बावजूद अभिनय व कैमरे के सामने आने के लिए वे हमेशा लालायित रहीं. शादी के बाद उनका बॉलीवुड छोडऩे का निर्णय शायद परिवार के दबाब में था, क्योंकि जिस दौर में उन्होंने यह फैसला लिया था, उनका कैरियर शिखर पर था. माधुरी हमेशा ऊपरी मन से कहती रहीं कि वे खुश हैं, लेकिन फि़ ल्मों का प्रेम उन्हें यहां आने के लिए बार-बार आकर्षित करता रहा. ऐसे में जब उन्हें आजा नच ले का   ऑफऱ मिला, तो उन्होंने फ़ौरन स्वीकार कर लिया. फि ऱ जब दोबारा झलक दिखला जा डांस रियलिटी शो का ऑफऱ मिला तब भी उन्होंने मना नहीं किया.

तमाम बड़े निर्देशकों व अभिनेताओं ने उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है. उन्होंने देखा कि आज भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है. इसलिए 43 की उम्र में भी उन्होंने मां या भाभी का किरदार निभाने से इनकार कर दिया है. दरअसल, माधुरी को जो प्यार, अपनापन और फैन फोलोइंग भारत में मिली, वह विदेश में नहीं मिली. खुद माधुरी ने माना है कि अमेरिका में जब वह अपने पड़ोसियों से कहती कि मैं भारत की फि़ल्मी अभिनेत्री हूं, तो कोई विश्वास नहीं करता. निश्चित तौर पर अमेरिका के किसी मॉल में माधुरी-माधुरी चिल्लाने वाला उनका कोई फैन नहीं है और न ही वहां शफीक सरीके फैन होंगे, जो माधुरी से मिलने की इच्छा में बॉर्डर भी तोड़ कर आ जायेंगे. वहां जमशेदपुर के पप्पू सरदार सा कोई फैन उनकी तसवीरों की पूजा नहीं करता होगा. लताजी से लेकर अमिताभ बच्चन भी जिस शख्स के कायल हों, उसके लिए खास से आम महिला बनना कितना मुश्किल रहा होगा. घर के आईने को साफ़  करते वक्त अपनी मुस्कान को देख कर वह जरूरी सोचती होंगी कि इसी प्यारी मुस्कान पर तो पूरा भारत फि़ दा है और यहां पूछने वाला कोई नहीं.

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