पुलिस बल की कमी अगले साल नवंबर तक दूर हो जाएगी

पुरस्कृत पुलिस अधिकारियों के सम्मान में हुआ कार्यक्रम

भोपाल, 16 अगस्त,नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आम इंसान की पहली जरूरत शांति और सुरक्षा है और मध्यप्रदेश पुलिस की सजगता और सक्रियता से बेहतर स्थिति बनी है.

मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस के मौके पर पुलिस जेल और होमगार्ड के 72 पदक अलंकृत अधिकारियों के स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दस्यु समस्या उन्मूलन साम्प्रदायिक विवाद नियंत्रण संगठनात्मक अपराधों के नेटवर्क को तोडने और अपराधियों को दंडित करने के प्रतिशत में वृद्धि करने जैसी अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां पुलिस बल ने प्राप्त की हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस बल को कार्य का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय किये जायेंगे. इस अवसर पर पुलिस जेल और होमगार्ड के 72 पद अलंकृत पुलिसकर्मी अपने परिजनो के साथ उपस्थित थे.

उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिये 21 हजार पद पर नियुक्तियां की जायेगी और यह कार्य अगले वर्ष नंम्बर माह तक पूर्ण हो जायेगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों के प्रति संवदेनीलता के साथ कार्य किये जाये और अपराधियों को अनिवार्य रूप से दंड दिलाने के समुचित प्रयासों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिये. शांति एवं व्यवस्था के लिये सख्ती के साथ ही निरंतर संवाद भी जरूरी है. सज्जनों के साथ फूल के समान कोमल व्यवहार और दुष्टों के साथ वज्र के समान कठोर आचरण किया जाना चाहिये.चौहान ने पदक अलंकृत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस का कार्य नौकरी नहीं होकर देभक्ति और जनसेवा है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इसी जज्बे और जुनून के साथ कार्य करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे सदैव उनके साथ खडे हैं.इस अवसर पर प्रदेश के पुलिस महानिदेक नंदन दुबे ने विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की आवश्यकताओं और समस्याओं को हल करने की दिशा में किये गये प्रयासों के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं. अपराधियों को दंडित होने का प्रतिशत निरंतर बढ रहा है. महिला प्रकोष्ठ में वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना और वीडियो कान्फ्रें स आदि प्रयासों ने मानीटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाया गया है.

राज्यपाल यादव से पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों ने की भेंट

राज्यपाल रामनरेश यादव ने कहा है कि समय और समाज द्वारा सदैव साहस और सच का सम्मान किया जाता है। राज्यपाल आज सौजन्य भेंट के लिए राजभवन आये पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्बोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि पुलिस बल को सामाजिक सरोकारों से भी जुडऩा चाहिए. यादव ने कहा कि पुलिस राष्ट्रद्रोही ताकतों का पूरी कठोरता के साथ दमन करें लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि निर्दोष के साथ अन्याय न हो पाये.

राज्यपाल से इस वर्ष के विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन, संजय राणा नेे भेट की. इसके अलावा डा. परशुराम माथुर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतर्कता और कमल सिंह राठौर, जे.एन.पी.ए सागर भी राज्यपाल से मिले. राज्यपाल यादव से वीरता पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित सभी पुलिस अधिकारियों ने भी मुलाकात की. यादव से सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित सभी 35 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी से भी मिले. उन्होंने राष्ट्रपति के होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक विजेता और सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का सुधारात्मक सेवा पदक जीतने वाले जेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी राज्यपाल से मुलाकात की.

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे ने बताया कि 9 अधिकारियों को वीरता पदक, 10 अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक, 38 अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा पदक, होमगार्ड के 2 अधिकारियों और 3 कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक से सम्मानित किया गया है. इसी प्रकार जेल विभाग के 2 अधिकारियों तथा 2 कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति के सुधारात्मक सेवा पदक से सम्मानित किया गया है.इसके अतिरिक्त, राज्य शासन की ओर से उत्कृष्ट कर्त्तव्य निष्पादन के लिये 10 पुलिसकर्मियों को पिस्टल और एक पुलिसकर्मी को बन्दूक प्रदान कर पुरस्कृत किया गया है.

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