भोपाल,5 मई,मुंबई में आयोजित एक समारोह में लोनली प्लेनेट ग्रुप जो विश्व भर के पर्यटन यात्रा के लिये विख्यात है, के सी.ई.ओ. तरूण रॉय द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन को ”बेस्ट इंडियन डेस्टीनेशन फॉर वाईल्ड लाईफ” से सम्मानित किया किया गया. निगम की ओर से यह अवार्ड प्रबंध निदेशक पंकज राग द्वारा ग्रहण किया गया.

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में 20 वन्यजीव अभ्यारण्यों के साथ ही 09 राष्ट्रीय उद्यान हैं. इनमें मुख्यत: कान्हा, बांधवगढ़, पेंच एवं पन्ना बाघों के लिये प्रसिद्ध हैं. यहां का प्राकृतिक वातावरण एवं घने वन बाघों के लिये उपयुक्त आवास स्थल है. म.प्र. में वन्यप्राणियों एवं वनस्पतियों के संरक्षण के लिये अनेक उपयोगी कार्यक्रम चलाये गए हैं. जिसके फलस्वरूप जहां कान्हा एवं पन्ना को एशिया के सर्वाधिक सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान की प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है, वहीं बांधवगढ़ व पेंच भी टाईगर रिर्जव के रूप में विश्व विख्यात है. वन्य प्राणियों में रूचि रखने वाले पर्यटक सहज ही यहां खिंचे चले आते हैं.

इन पर्यटकों के लिये म.प्र. पर्यटन निगम द्वारा अनेकों सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं एवं भविष्य में भी इन सुविधाओं में और अधिक विस्तार एवं विकास किया जायेगा. मध्य प्रदेश में 20 वन्यजीव अभ्यारण्यों के साथ ही 09 राष्ट्रीय उद्यान हैं. इनमें मुख्यत: कान्हा, बांधवगढ़, पेंच एवं पन्ना बाघों के लिये प्रसिद्ध हैं. यहां का प्राकृतिक वातावरण एवं घने वन बाघों के लिये उपयुक्त आवास स्थल है.

मध्य प्रदेश पर्यटन को एशिया में प्रभावशाली मार्केटिंग का पुरस्कार.
मध्यप्रदेष पर्यटन द्वारा विगत कुछ वर्षों से प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक एवं रेडियो द्वारा किये जा रहे प्रचार-प्रसार अभियान को प्रदेश सहित देश-विदेश में काफी ख्याति प्राप्त हुई है. पर्यटन निगम द्वारा प्रथम टी.वी. अभियान के अंतर्गत ”तिल देखो ताड़ देखो” के पश्चात् ”देखा” तथा वर्तमान में ”एमपी अजब है सबसे गजब है” की शेडोग्राफी जैसे अद्वितीय विज्ञापनों के माध्यम से म.प्र. पर्यटन ने अपनी अलग पहचान बनाई है. वहीं रेडियो अभियान के अंतर्गत ”मामाजी” नामक जिंगल राष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रिय हुआ है.

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