फिल्म दोस्ताना और फ़ोर्स में अपने शानदार डीलडौल और कद काठी के कारण जमकर प्रशंसा बटोरने वाले फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम का कहना है कि अब तक उनका शारीरिक सौष्ठव ही  नर्माताओं के लिए मुख्य मुद्दा रहा है लेकिन अब निर्माताओं ने उसे दूसरे नजरिए से देखना शुरू कर दिया है.

जॉन ने कहा कि फिल्म एक दृश्य माध्यम है. शाहरूख से लेकर आमिर तक हर कोई अपने शरीर सौष्ठव को लेकर सजग है. उन्हें लगता है कि उनका शरीर अच्छा दिखना चाहिए, लेकिन मेरे लिए सिर्फ  कद काठी ही सब कुछ नहीं रही. लेकिन मेरे चाहने वाले मेरे शारीरिक सौष्ठव की प्रशंसा करते हैं इसलिए मैं इसे खोना भी नहीं चाहता.  जॉन ने कहा, मेरे जैसी शारीरिक बनावट पाने के लिए लोग मरते हैं और मैंने भी इसे हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की है तो फिऱ मैं इसका फायदा क्यों न उठाऊं. लेकिन 38 वर्षीय अभिनेता को अब ऐसा महसूस होने लगा है कि बॉलीवुड का समय बदल रहा है. जॉन ने कहा कि फिल्म निर्देशकों की सोच बदल रही है और अब वह जॉन अब्राहम को सिर्फ उसकी शानदार फिजीकल की वजह से किसी फिल्म के लिए नहीं चुनते. अब उन्हें मुझ पर ज्यादा विश्वास हो गया है और फि़ल्म निर्माता भी उनपर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं. जॉन ने कहा, आज जब संजय गुप्ता मुझसे शूट आउट एट वडाला फिल्म की बात करते हैं तो वह मुझे बताते हैं कि इसमें मैं महाराष्ट्र के एक ढीली कमीज पहनने वाले व्यक्ति का किरदार निभा रहा हूं. इसमें मेरी बॉडी की बात कहां है. मुझे लगता है कि वह सब चीजें अब पीछे छूट गई हैं.

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