एम्स की तरह बनेंगे मेडीकल कालेज

राज्य में भूमि प्रबंध मिशन लागू होगा

भोपाल, 23 अगस्त, नभासे. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जहां जल्दी ही टेली-मेडिसिन सुविधा शुरू होगी. वहीं राज्य में भूमि प्रबंध मिशन लागू किया जाएगा.इसका निर्णय आज चिकित्सा शिक्षा और राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान लिया गया.

पहले चरण में भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर के मेडिकल कॉलेजों में तथा दूसरे चरण में रीवा, सागर के मेडिकल कॉलेजों में यह व्यवस्था शुरू होगी. टेली-मेडिसिन के बाद यह मेडिकल कॉलेज रिर्सोस सेंटर के रूप में काम करेंगे और शासकीय चिकित्सालय इनसे संबद्ध रहेंगे. यह जानकारी मुख्यमंत्री द्वारा की  गयी चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा में दी गई.

सीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग, कैंसर रोग जैसी गंभीर बीमारियों के ईलाज की विशेषज्ञ सुविधाएँ स्थापित की जाना जरुरी हैं.इसके लिए मेडिकल कॉलेजों में अलग से विभाग बनाये जायेंगे. इन रोगों के लिए प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज में एम्स की तरह हर बीमारी के इलाज की व्यवस्था की जायगी तथा अन्य मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग रोगों की सुपर-स्पेशलिटी सुविधाएँ उपलब्ध करवायी जायगी जिससे गरीब लोगों को इलाज की बेहतर सुविधाएँ मिल सकेगी.

उन्होंने निर्देश दिये कि शासकीय अस्पतालों में मरीजों के लिए जेनेरिक दवाइयाँ खरीदी जाय. साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का कार्य समय-सीमा में किया जाये. बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों को नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जोड़ा जायेगा. चिकित्सा महाविद्यालयों में बीते छह माह में सहायक प्राध्यापकों सहित 150 पद भरे गये हैं. संचालनालय स्तर पर निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग और समीक्षा के लिए प्रोजेक्ट सेल बनाया जायेगा. मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में प्रबंधन के लिए हास्पिटल मैनेजमेंट विशेषज्ञों की मदद ली जायेगी. पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए ऑनलाईन कांउसलिंग की गयी है. बैठक में चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन के लिए की गयी कार्रावाई की जानकारी दी गई. बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अजय तिर्की और प्रमुख सचिव वित्त अजयनाथ सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे.

पटवारियों को मिलेंगे लैपटाप

प्रदेश में जल्दी ही भू-प्रबंधन मिशन लागू होगा. मिशन की रूपरेखा बनाई जा रही है. इसके बाद भू-अभिलेख के काम में तेजी आयेगी. भूमि संबंधी आँकड़ों, भूमि मापन और रिकार्ड में शुद्धता के लिये सभी पटवारियों को लैपटाप दिये जायेंगे. इसमें भूमि संबंधी प्रविष्टियों में गलतियाँ होने की संभावना कम हो जायेगी. यह जानकारी मंत्रालय में राजस्व विभाग की समीक्षा में दी गई. सीएम ने खसरे और बी-1 दस्तावेज की इलेक्ट्रानिक प्रतियाँ उपलब्ध करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व सेवा को बेहतर बनाने के लिये राष्ट्रीय भू-अभिलेख प्रबंधन कार्यक्रम में नक्शों के डिजिटाईजेशन के काम में तेजी लाना जरूरी है.

भर्ती प्रक्रिया शुरु होगी

तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्दी शुरू होगी. अशासकीय संस्थाओं के लिये भूमि आवंटन की नीति बनाई जा रही है. लोक सेवा प्रदाय व्यवस्था के जरिये राजस्व सेवाओं का बेहतर प्रदाय किया जा रहा है.

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