राज्य भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मण्डल की 46वीं बैठक सम्पन्न

भोपाल, 9 अगस्त, नभासं. राज्य भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मण्डल की 46वीं बैठक में खनिजों की खोज तथा खनन कार्य से जुड़ी एजेंसियों से बेहतर समन्वय बनाकर अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करने पर बल दिया गया.

सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों से आवश्यकतानुरूप खनिज भण्डारों का आकलन कर प्रमाणीकरण करने को कहा गया, जिससे राज्य में खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना हो सके. बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 के दौरान संचालनालय भौमिकी तथा खनि कर्म द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में 12 हजार 743 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भौमिकी अन्वेक्षण का कार्य किया गया. पूर्वेक्षण कार्य अंतर्गत चूना पत्थर, डोलोमाइट तथा कोयले के लिये कुल 5026.85 मीटर ड्रिलिंग कार्य किया गया.

छतरपुर जिले में डोलोमाइट के लिये तथा सतना जिले में चूना पत्थर के लिये पूर्वेक्षण कार्य किया गया. छतरपुर जिले में डोलोमाइट के 20.10 मीट्रिक टन तथा सतना जिले में चूना पत्थर के 25 मीट्रिक टन भण्डार आंंकलित किये गये. कोयले के लिये पूर्वेक्षण कार्य अनूपपुर जिले के राजनगर, गोविंदा क्षेत्र में किया गया. यहाँ पर विभाग ने 3152.30 मी. ड्रिलिंग कार्य किया. सागर, पन्ना एवं शाजापुर जिले की खनिज तालिका बनाने का कार्य किया गया. शाजापुर जिले की खनिज तालिका बनाने का कार्य इस वर्ष पूर्ण किया गया.

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