बैतूल, 30 नवम्बर नससे. जिले में खनिज विभाग की मिली भगत से खदान का ठेका हासिल करने वाले ठेकेदारों के द्वारा मुफ्त में खनिज का खनन कर लाखों की रायल्टी वसूल की जा रही है. खनिज विभाग इनसे खदान की ठेका राशि वसूलने में कोताही बरत रहा है.

जिले भर में अवैध उत्खनन को लेकर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली से कलेक्टर  की नाराजगी बीते दिनों सामने आई है. कलेक्टर के निर्देश पर चिचोली के तहसीलदार ने दो स्टोन क्रेशर पर छापामार कार्रवाई की थी जिसमें व्यापक पैमाने पर अवैध उत्खनन सामने आया है. ताजा मामला जिले की आधा दर्जन खदानों से ठेका राशि की वसूली न किए जाने का सामने आया है. प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के ग्राम कान्हावाड़ी में पत्थर की खदान का ठेका हासिल करने वाले ठेकेदार के द्वारा ठेके की राशि की तीन किश्ते अभी तक जमा नहीं कराई गई है. इन किश्तों को जमा न करने के बावजूद खनिज विभाग बाकायदा उन्हें रायल्टी बुके जारी कर शासन को चूना लगाने की छूट दे रहा है. इसी तरह जिले के  फुलबेरिया, माथनी और खमालपुर में स्थित रेत की खदानों के ठेकेदारों के द्वारा भी ठेका राशि तीन किश्ते जमा नहीं कराई गई है.

खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक तीन माह में एक किश्त जमा करना अनिवार्य होता है परंतु इन ठेकेदारों के द्वारा राशि जमा नहीं कराई गई है. एडीएम के द्वारा औचक निरीक्षक कर इन खदानों से संबंधित फाईले भी जब्त की गई है. इस कार्रवाई के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी कर ठेके की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं. विभाग के द्वारा यह कार्रवाई एडीएम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण कर संबंधित खदानों के समस्त दस्तावेजों को जब्त करने के बाद शुरू की गई है जिससे विभाग की कार्यप्रणाली संदिग्ध हो गई है.

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