खनन माफिया उन लोगों का है जो बाहुबली में प्रारंभ होकर अब धनबली भी हो गये हैं. ये इतने साधन संपन्न हो गये हैं कि इनका अवैध खनन का काम जो लोग करते है वे इसके मजदूर व कर्मचारियों के अलावा इनकी डकैती के गैंग भी है. इनका काम अवैध खुदाई के साथ यह भी है कि यदि इन्हें रोका जाए तो वे उन पर हमला कर दें. ये हथिायर बंद व चौकस रहते है. कुछ समय पूर्व भिंड में अवैध खनन रोकने गये कलेक्टर व एस.पी. पर भी इन लोगों ने हमला कर दिया था और उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा था.

कुछ दिनों पूर्व अवैध खनन ट्राली पकडऩे पर एक पुलिस अधिकारी को रौंद कर मार डाला गया. इस हत्या के बाद ही उस भाजपा नेता को पकड़ा गया जिसने थाने में जाकर वहां से अपने जब्त किये वाहन अपनी शक्ति से वापस ले गया और पुलिस कुछ नहीं कर पाई थी. अब खबर आई है कि एक महिला तहसीलदार श्रीमती मीरा पाल को भी उस जेबीसी मशीन में रौंदकर मारने की कोशिश की गई है जो देवास जिले की कन्नौद तहसील के गांव कुसमानिया के पास मुरम के अवैध खनन को पकडऩे गयी थी. घटना स्थल में एक जीसीबी मशीन व 5 ट्रेक्टर ट्राली जब्त किये गये.

टीकमगढ़ से रेत खदान पर कब्जेदारी से गोलियां चल गई. एक खनन माफिया के पास 90 जेसीबी मशीनें हैं. इसी से अंदाजा हो जाता है कि इनका अïवैध खनन का काम कंपनी स्तर पर चल रहा है और इतने बड़े काम से अफसर अवगत नहीं होंगे यह तो हो ही नहीं सकता. ऐसा आभास होता है कि इनकी दंबगई में वे इनसे मिलकर चलते होंगे और उन्हें भारी रिश्वत भी दी जाती होगी.

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