लखनऊ/नई दिल्ली, 19 अगस्त. आगामी लोकसभा चुनाव-2014 को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस नेताओं के बीच जंग छिड़ गई है. मुलायम सिंह ने इस बात के संकेत दिए हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र में तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी और सपा उत्तर प्रदेश से 60 सीटें जीतकर सरकार में अहम भूमिका निभाएगी.

इसके जवाब में जहां यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने देश में किसी भी तीसरे मोर्चे की संभावना से इंकार किया है वहीं दिल्ली में कांग्रेस सांसद राशिद मसूद का कहना है कि यह जनता तय करेगी कि 2014 में वह पीएम राहुल गांधी को बनाती है या फिर नरेंद्र मोदी को. भाजपा के यशवंत सिन्हा ने भी तीसरे मोर्चे की संभावना को खारिज कर दिया है. लखनऊ में मुलायम ने कहा, देश में जो तस्वीर बन रही है, उसके मुताबिक भाजपा और कांग्रेस को अगले लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में तीसरे मोर्चे को बढ़त हासिल होती दिख रही है, इसलिए भाजपा और कांग्रेस के पूर्ण बहुमत पाने की संभावना कम ही दिख रही है. मुलायम ने यह भी कहा कि अगले आम चुनाव में सपा यदि उत्तर प्रदेश में 60 सीटें लाने में कामयाब हो जाती है तो केंद्र में सपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने से कोई रोक नहीं सकता.

मुलायम सिंह यादव का यह बयान कांग्रेस को रास नहीं आया है. कांग्रेस ने मुलायम सिंह की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि सपने देखने का कोई टैक्स नहीं लगता. कांग्रेस सांसद राशिद मसूद ने कहा कि मुलायम सिंह यादव को कुछ भी बोलने का पूरा अधिकार है लेकिन ये तो जनता को तय करना है कि 2014 में वह राहुल गांधी का पीएम बनाती है या फिर नरेंद्र मोदी को. यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, क्वलोकसभा चुनाव में तीसरे मोर्चे की सम्भावना निरर्थक है. चुनाव के बाद भाजपा या फिर कांग्रेस की ही अगुवाई में सरकार बनेगी. तीसरा मोर्चा नहीं पनपेगा.

मुलायम के परिवार से एक और सदस्य लड़ेगा चुनाव!

लखनऊ, 19 अगस्त. उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे शक्तिशाली यादव परिवार का एक और सदस्य अब सक्रिय राजनीति में दस्तक देने को तैयार है.

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव के भतीजे एवं पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव को आगामी लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है. अक्षय यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव परिवार के सातवें सदस्य होंगे जो चुनावी अखाड़े में उतरकर राजनीति में प्रवेश करेंगे. मैनपुरी से सांसद मुलायम के अलावा राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव, कन्नौज से सासद डिम्पल यादव और बदायूं से सासद धर्मेद्र यादव सहित यादव परिवार के छह सदस्य पहले ही सक्रिय राजनीति में हैं.

25 वर्ष के हो चुके अक्षय यादव ने हाल ही में कहा था कि मैंने फिरोजाबाद के लोगों की सेवा करने के लिए 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस संसदीय सीट के लिए दावेदारी पेश की है. टिकट के लिए मैंने पार्टी की तरफ से उम्मीदवार तय करने के लिए नियुक्त की गई पर्यवेक्षक जूही सिंह के समक्ष आवेदन किया है. सपा ने सूबे के 59 लोकसभा क्षेत्रों में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए अलग-अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे. चूडिय़ों के निर्माण के लिए दुनियाभर में मशहूर फिरोजाबाद वर्षो से सपा और यादव परिवार की परम्परागत संसदीय सीट रही है.

पिछले चुनाव में अखिलेश यादव ने यहा से चुनाव जीता था लेकिन कन्नौज से भी जीत दर्ज करने के कारण उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी. बाद में हुए उपचुनाव में सपा ने यहा से अखिलेश की पत्नी डिम्पल को राजनीति में उतारा था, लेकिन वह काग्रेस के उम्मीदवार राज बब्बर से बड़े अंतर से हार गई थीं. सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व अब अपनी इस परम्परागत सीट पर फिर से कब्जा चाहता है. इसीलिए परिवार के ही सदस्य को यहा से उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी है. अक्षय यादव ने पिछले लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से चुनाव लडऩे वाले अपने ताऊ मुलायम के चुनाव प्रचार का पूरा जिम्मा संभाला था.

गौरतलब है कि राजनीति में परिवारवाद को बढ़ावा देने को लेकर एक समय काग्रेस की जमकर आलोचना करने वाले मुलायम सिंह खुद को समाजवाद के जनक डा. राम मनोहर लोहिया का झडाबरदार बताते हैं, जो खुद राजनीति में परिवारवाद के कट्टर विरोधी थे. पिछले कुछ वर्षो में मुलायम पर सपा को घर की पार्टी बनाने का आरोप लगाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सहित अन्य दल उनकी आलोचना करते रहे हैं. कभी मुलायम के निकट सहयोगी रहे अमर सिंह तो पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद से लगातार मुलायम पर इसी मुद्दे को लेकर हमला करते रहे हैं. अब अपने एक और भतीजे अक्षय यादव के राजनीति में प्रस्तावित प्रवेश को लेकर आने वाले दिनों में मुलायम को विपक्षी दलों के हमले सहने पड़ेंगे, इसमें दोराय नहीं. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पहले से ही मुलायम सिंह यादव के परिवार के लगभग सारे लोग राजनीति में हैं. जो कुछ लोग बचे हैं वह भी अगले लोकसभा चुनाव में राजनीति में आ जाएंगे. मेरी मुलायम सिंह को सलाह है कि उन्हें अब समाजवादी पार्टी का नाम मुलायम सिंह यादव प्राइवेट लिमिटेड पार्टी रख लेना चाहिए.

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