नई दिल्ली, 13 दिसंबर. समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा को फेल बताया है. अन्ना हजारे का कहना है कि सरकार आदर्श गांवों के बारे में नहीं सोच रही है.

अन्ना ने कहा मनरेगा फेल हो गया क्योंकि विकास कार्यों में लगने वाले पैसे का बंटवारा हो जाता है. विकास के नाम पर 74 फीसदी पैसा लोगों की एसी गाड़ी व्यवस्था और दूसरी चीजों पर खर्च किया जा रहा है और 15 फीसदी पैसा रिश्वत में जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सिर्फ दस फीसदी पैसा ही जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है. राहुल के यूपी दौरे से ऐन पहले अन्ना ने ये बयान देकर बड़ा सवाल उठा दिया है. राहुल मनरेगा के मुद्दे को लेकर ही लोगों के बीच जा रहे हैं. यह योजना कांग्रेस अपनी उपलब्धि के तौर पर दिखाती है. राहुल भी इसे लेकर सवाल उठाते रहे हैं लेकिन उनका वार मायावती पर रहता है. राहुल के मुताबिक सिर्फ मायावती सरकार की वजह से ही यूपी के गांव के लोगों को मनरेगा का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है. वहीं अब अन्ना ने इस पूरी योजना के क्रियान्वयन पर ही सवालिया निशान लगा दिया है.   गाजियाबाद में अन्ना का समर्थकों से मिलने का सिलसिला मंगलवार को  भी जारी है. अन्ना यहां अपने समाज निर्माण मिशन के तह रचनात्मक कार्यों के लिए नई लीडरशिप का चुनाव कर रहे हैं. अन्ना ने कहा कि वह गांवों के रचनात्मक विकास के लिए 100 युवकों को ट्रेनिंग देंगे और 100 गांवों को आदर्श रूप में विकसित करेंगे.

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