अतिवृष्टि, कर्ज व बिजली से त्रस्त

नई दिल्ली/सीधी, 12 दिसंबर. मध्यप्रदेश के किसानों की अतिवृष्टि, कर्ज और बिजली की समस्याओं को लेकर राज्यसभा सदस्य डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समक्ष पैरवी की. इधर विध्य के सीधी में म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने केंद्र पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही हैं.

चिंता जताई,कार्रवाई का आश्वासन
प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल में अतिवृष्टि के कारण फसलों की बर्बादी, कर्ज के बोझ और बिजली के अत्यधिक बिल के कारण चौतरफा समस्याओं में घिरे किसानों की मौतों पर आज चिंता व्यक्त की. राज्यसभा सदस्य डा. विजयलक्ष्मी साधौ के नेतृत्व में कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं पीडि़त किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ संसद भवन परिसर में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त करके आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया. मुलाकात के बाद डा. साधौ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि तीन-चार बीघा जैसी छोटी काश्त के किसानों को बिजली विभाग से दस से लेकर अस्सी हजार रुपये के बिजली बिल आ रहे हैं जबकि चार महीने से स्थानीय ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं और कोई विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है. राज्य सरकार इनकी सुनवाई नहीं कर रही है. इस वर्ष निमाड़ अंचल में अत्यधिक वर्षा के कारण कपास की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई. कई किसानों ने बाद में कर्ज लेकर गेहूं की बुवाई की लेकिन बिजली विभाग के लंबे चौडे बिल आने तथा फिर भी बिजली नहीं मिलने से गेहूं की फसल भी नष्ट होने से किसानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है.

केंद्र सौतेला व्यवहार कर रहा : शिवराज
केन्द्र सरकार जहां एक ओर म.प्र्र.के  साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. वहीं दूसरी ओर मुझे बदनाम करने की साजिश कर रही है. उक्त बातें आज यहां सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कनपुरा कोदौरा ग्राम स्थित बाणसागर परियोजना सिहावल नहर क्रमांक-1 में सोन आरती एवं किसानसभा को संबोधित करते हुए म.प्र.शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही. श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में खाद की किल्लत का कारण केन्द्र सरकार है. क्योंकि प्रदेश में खाद नहीं बरती है खाद केन्द्र से दी जाती है. उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र से 3 लाख 33 हजार मिट्रिक टन खाद मांगी गयी थी. लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख मिट्रिक टन ही खाद दी गयी. इसी तरह म.प्र.सरकार के विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त कोयला नहीं दिया जा रहा है. केन्द्र सरकार द्वारा म.प्र.सरकार के साथ यह सौतेला व्यवहार इसलिये किया जा रहा है कि म.प्र.सरकार के जनहित कार्यो से उसकी जनता के बीच लोकप्रियता ऐसी बन गयी है जिसके कारण कभी भी म.प्र.में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पायेगी. मेरी और सरकार की लोकप्रियता को कम करने मुझे बदनाम करने के लिये केन्द्र में सत्तासीन कांग्रेस की यूपीए सरकार साजिश के तहत यह सब कर रही है. लेकिन मै इससे घबराने वाला नहीं प्रदेश की गरीब जनता के कल्याण और विकास के लिये हर संभव प्रयास कर रहा हूं और करता रहूंगा.

किसी तरह की कमी नहीं आने दूंगा.

Related Posts: