भोपाल 4 मई. जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालय को एम.डी. रेडियोथेरेपी, ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय को एम.सी.एच. न्यूरो सर्जरी और रीवा चिकित्सा महाविद्यालय को एम.एस.आर्थोपेडिक्स की डिग्री की मान्यता प्राप्त हो गई है.

रीवा चिकित्सा महाविद्यालय में डिप्लोमा इन आप्थलमोलाजी की चार सीटें स्वीकृत हो गई हैं. यह जानकारी मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई. मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान विभागों की समीक्षा कर रहे थे. बैठक में बताया गया कि 20 साल बाद दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर को एम.डी.एस. की पाँच नई सीटों की अनुमति मिल गई है. जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालय की एम.बी.बी.एस. डिग्री की मान्यता निरंतर की गई है. बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में तृतीय वर्ष के साथ चिकित्सालय भी प्रारंभ कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग एवं आयुर्वेदिक, यूनानी होम्योपैथी चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा में अनुसंधान को बढ़ावा देने की जरूरत है. चौहान ने कहा कि आयुर्वेदिक दवा नीति तैयार करने पर विचार करने की जरूरत है. उन्होंने प्रदेश में एक आदर्श आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान विकसित करने की पहल करने के निर्देश दिये. बैठक में बताया गया कि एलोपैथिक अस्पतालों में आयुष विंग स्थापित किये गये हैं.

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