विधानसभा में अधिकांश अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिराने के लिये नहीं बल्कि उसे उधडऩे के लिये होते हैं. राज्य सरकार ने आसानी से विधानसभा में 63 मुकाबले 149 मतों से सदन का विश्वास जीत लिया और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह दावा भी किया कि उन्हें जनता का विश्वास प्राप्त है.

चार दिन तक 20 घंटे चली बहस में तीखे आरोप लगे  और प्रतिउत्तर भी आये. खनन के मामले में लोक निर्माण मंत्री श्री नागेंद्र सिंह पर निशाना साधा गया. सतना में उनके संबंधी को लिप्त पाने के प्रश्न पर आरोप लगे. श्री नागेंद्र सिंह ने यह कहा कि वह खनन माफिया नहीं है. सरकार सतना के मामले में प्रभावी कार्यवाही कर रही है. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के नेता विपक्ष श्री अजय सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार  के कारण मध्यप्रदेश नहीं वरन मंत्री स्वर्णिम बन रहे है. नेता प्रतिपक्ष के रूप में श्री अजय सिंह काफी सधे व प्रखर नजर आये. उन्होंने व्यक्तिगत आरोपों पर शालीनता दिखाते हुए अपनी ही पार्टी के सदस्यों से गंभीर व जिम्मेदार आचरण करने को कहा. श्री आरिफ अकील ने उद्योग व नगरीय मंत्री श्री बाबूलाल गौर पर व्यक्तिगत आरोप लगाये थे. श्री गौर ने सप्रमाण उन्हें व्यर्थ के आरोप बताया.

प्रस्ताव में जो आरोप लगे हैं उन्हें सरकार को गंभीरता से देखना चाहिए. अवैध खनन के मामले बड़े गंभीर है. इन्हें निश्चित तौर पर वही लोग चला रहे हैं जो असामाजिक, अपराधी व माफिया तत्व है. रेत और मुरम में भारी अवैध कारोबार चल रहा है. इसके संचालन में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी भी बहुत है. खनिज मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला पर भी श्री अजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाये. उन पर किसी फर्म की पार्टनर शिप के आरोप पर श्री शुक्ला ने उस पर यही कहा कि वे उक्त फर्म में पार्टनर पहले ही छोड़ चुके हैं. शासन पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटी बचाओ अभियान की विश्व भर में प्रशंसा हो रही है. राज्य के चर्चित डम्पर कांड के बारे में मुख्यमंत्री की पत्नी पर आक्षेप किये जा चुके हैं. इस कांड के संदर्भ में श्री मिश्रा ने नेता विपक्ष श्री अजय सिंह पर यह कहकर पलट वार कर दिया कि श्री अजय सिंह व उनके परिजनों के भी डम्पर चल रहे हैं. मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति का विवरण दिया. मुख्यमंत्री का जवाब अधिक बहस चलने के लिए आगे भी बढ़ाया गया. सदन में प्रस्ताव पर काफी समय तक चर्चा को चलने दिया गया. अपने जवाब में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. जो भी नियम विरुद्ध काम करेंगे उन पर सख्त कार्यवाही होगी.

उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कहा कि वे गलती कर सकते हैं लेकिन बेईमानी नहीं करेंगे. भ्रष्टïाचार निवारण के लिए ब्लाक स्तर पर लोकसेवा केंद्र खोले जायेंगे और गरीबों के कल्याण के लिए अंत्योदय मेले लगेंगे. सरकारी नौकरियों की भर्ती में पारदर्शिता, 2012 तक 24 घंटे बिजली व हर खेत को पानी, गांवों में सस्ते आवास का वायदा करते हुए श्री चौहान ने एक बड़ा वायदा यह भी किया कि वे राज्य में सड़कों को खराब नहीं रहने देंगे और मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान पर ले जायेंगे. राज्य में जो भी उद्योग लगेंगे उसमें 50 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. अवैध उत्खनन के मुख्य आरोप पर उन्होंने कहा कि इस पर सख्त कार्यवाही होगी.

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