इंदौर, 19 अगस्त. राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कोयला खदान आवंटन मामले में सामने आए भ्रष्टाचार के परिप्रेक्ष्य में आज कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं और उन्हें अब पद पर रहने का अधिकार नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री जेटली ने यहां पार्टी के युवा मोर्चा की ओर से आयोजित  युवा संकल्प बाइक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कोल ब्लाक आवंटन के समय कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री के पास था, इसलिए वह इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं. उन्हें अब पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि टू-जी स्पैक्ट्रम घोटाला देश का सबसे बड़ा घोटाला था और केंद्र सरकार ने इस पूरे घोटाले को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ए. राजा के ऊपर डालकर किनारा कर लिया था, लेकिन हाल में सामने आए कोल ब्लाक आवंटन घोटाले ने टू.जी स्पैक्ट्रम घोटाले को दूसरे नंबर पर धकेल दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार से जुड़े अन्य घोटालों का भी जिक्र किया और कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी केंद्र की मौजूदा सरकार को इसकी कीमत चुकानी होगी.

श्री जेटली ने कहा कि आज का युवा भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहता है. केंद्र सरकार से जुडे बड़े-बड़े घोटाले जिस प्रकार सामने आ रहे हैं, उससे अब जनता भाजपा की ओर से आशा भरी निगाहों से देख रही है. ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलना अपनी मंजिल तय करना होगी. उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि उस पार्टी में केवल एक ही परिवार हावी है, जबकि भाजपा में नेता जमीन से तैयार होते हैं. उन्होंने भाजपा शासित राज्यों गुजरात और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों क्रमश: नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि क्या कांग्रेस में इस तरह के नेता हैं. श्री जेटली ने मध्यप्रदेश के संदर्भ में कहा कि वर्ष 1993 से 2003 के बीच कांग्रेस की सरकार रही और तब यह राज्य काफी पिछड गया था. वर्ष 2003 के अंत में भाजपा का शासन आया और उसके द्वारा नौ वर्षों में किए गए कामकाज से यह बीमारू राज्य की श्रेणी से निकल गया और अब इस राज्य के विकास ने देश में नयी पहचान बनायी ह.

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