डीजल-गैस के दाम बढ़ाने की तैयारी

नई दिल्ली, 26 मई. महंगाई के चक्रव्यूह में फंसे जनता को सरकार से अभी राहत की उम्मीद मिलती नहीं लग रही है। पेट्रोल के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार अब डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, जून में किसी भी वक्त डीजल और एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने  बातचीत में डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। डीजल के दामों में बढ़ोतरी का मतलब है कि खाने-पीने सहित सभी जरूरी चीजों के दामों में उछाल आना। रंगराजन ने कहा है कि रुपये की कीमत में गिरवाट और बढ़ते राजकोषीय घाटा को देखते हुए तुरंत डीजल और एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में निवेश में कमी है। विदेशी निवेशकों के विश्वास को जीतने के लिए हमें कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
शुक्रवार को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने भी 2 टूक कहा था कि पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स पर से सब्सिडी पूरी तरह से खत्म करनी चाहिए। इसका फायदा समाज का संपन्न तबका उठा रहा है, ना कि जरूरतमंद और गरीब लोग। डीजल की कीमतों में तो तुरंत बढ़ोतरी की जरूरत है। शुक्रवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मिनिस्टर जयपाल रेड्डी और प्रधानमंत्री के बीच हुई मुलाकात के बाद यह बात साफ हो गई है कि फिलहाल पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों में किसी तरह की कमी नहीं आएगी।

सड़क पर ममता

कोलकाता. पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध मार्च निकाला। कोलकाता में निकाले करीब पांच किलोमीटर लंबे इस मार्च की अगुवाई खुद ममता बनर्जी ने की.

पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में तृणमूल कांग्रेस का यह दूसरा विरोध मार्च है। इससे पहले पार्टी के महासचिव मुकुल रॉय भी मार्च निकाल कर अपना विरोध जता चुके हैं। ममता बनर्जी शुरू से ही दाम बढ़ाने के पक्ष में नहीं थीं और उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार को दखल देने की भी बात कही थी।

कांग्रेस ने ममता को धमकाया

बराबर धमकी देने और आक्रमक राजनीति करने वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को इस बार कांग्रेस की तरफ से धमकी मिली है। कांग्रेसी सांसद अधीर चौधरी ने कहा है कि अगर ममता को यूपीए सरकार से इतनी ही परेशानी है तो समर्थन वापस क्यों नहीं ले लेतीं? गौरतलब है कि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी आज कोलकाता में मार्च करने वाली हैं। इसी के जवाब में अधीर चौधरी ने उन्हें यह चुनौती दी है।

ममता बनर्जी की इसी दोहरी राजनीति को लेकर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि ममता को अगर बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं है, तो फिर केंद्र में वह अपना समर्थन वापस क्यों नहीं ले लेतीं? हालांकि,कांग्रेस ने अधीर चौधरी के बयान को व्यक्तिगत करार दिया है। गौरतलब है कि ममता और अधीर चौधरी के बीच के अनबन की पुरानी कहानी है। कांग्रेस के अधीर चौधरी जब भी मौका मिलता है ममता पर वार करने से नहीं चूकते। हालांकि तृणमूल अधीर चौधरी के ताजा बयान को ज्यादा तूल नहीं दे रही है। आज ममता बनर्जी पेट्रोल के बढ़े दामों के विरोध में करीब 10 मील पैदल मार्च करने वाली हैं। ममता के इस मार्च को मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीएम ने ड्रामा करार दिया है। गौरतलब है कि तेल कंपनियों ने 23 मई को पेट्रोल करीब 7.50 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया था। तमाम राजनीतिक दबावों के बावजूद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने शुक्रवार को इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार पेट्रोल के बढ़े हुए दामों को घटाने जा रही है।

पेट्रोल की बढ़ी कीमतें वापस ले केंद्र सरकार

पटना. पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि प्रति लीटर 7.50 रुपये की वृद्धि को केंद्र सरकार तत्काल वापस ले।

पटना में एक कार्यक्रम से इतर नीतीश ने संवाददाताओं से कहा कि पेट्रोल की कीमतों में बढोतरी करके केंद्र सरकार ने आम लोगों की जेब काटने का काम किया है। केंद्र सरकार को पेट्रोल की कीमतों में प्रति लीटर की गई साढ़े सात रुपये की बढ़ोतरी को तत्काल वापस ले लेना चाहिए।  राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल पर लगने वाले कर में कमी के मुद्दे पर नीतीश ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों को कम करने में राज्य सरकार के स्तर पर कुछ अधिक करने की गुंजाइश नहीं है. और जो करना है केंद्र सरकार को करना है। वैसे भी बिहार में पेट्रोल की खपत कम हो रही है। उन्होंने कहा कि डालर की तुलना में लगातार रुपये की गिरावट हो रही है, और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है चारों ओर अव्यवस्था का माहौल है।

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