कामकाज से जी चुरा रहे अधिकारी-कर्मचारी

बैतूल,4 दिसम्बर नससे. यदि आपको किसी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी से कोई जानकारी लेना हो अथवा उनसे कोई काम हो तो हो सकता है कि उन्हें ढूंढते रह जाएं. उनका यह काम आसान किया है मोबाईल उपकरण ने जो अक्सर नॉट रिचेबल की जानकारी आपको देता रहता है. यह सुविधा लगभग उन तमाम मोबाईल सैटों में है जो बड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के पास है. यही वजह है कि अब जिले के आला अफसर अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों या फिर अधिकारियों को तलाशते नजर आने लगे हैं.

वरिष्ठ अधिकारियों की निगाहें- सूत्रों ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी निगाहें लगाए बैठे हैं. सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को यदि किसी कर्मचारी या फिर अधीनस्थ अधिकारी का फोन नॉट रिचेबल मिला तो वे समझ जाऐंगे कि वह काम करना नहीं चाहता या फिर काम से बच रहा है. मोबाईल कवरेज का बहाना गलत- सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जितने भी नेटवर्क है उनमें अधिकांश का कवरेज बेहतर है. जिले में कुछ ही स्थानों पर इनका कवरेज नहीं मिलता है बावजूद इसके अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन का  नॉट रिचेबल बना रहना संदेह को जन्म दे रहा है. बहरहाल मोबाईल ने अधिकारियों को पकडऩे की राह तो आसान बनाई थी लेकिन वर्तमान उपकरण उन्हें बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे.

अधिकारी को फोन लगाने पर मिलते नॉट रिचेबल- जानकारी लेने पर मालूम होता है कि वे जंगल में है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर रहती है. दरअसल मोबाईल उपकरण में ये अधिकारी नॉट रिचेबल की बटन को दबाकर सब कुछ आसान कर लेते हैं. यह केवल वन विभाग की ही कहानी नहीं है ऐसे कई सरकारी विभाग है जहां पर अधिकारी और कर्मचारी इस तरह की प्रक्रिया को अपनाकर अपना काम बना रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि काम से बचने की कवायद में अधिकारी और कर्मचारी ऐसा कर रहे हैं.

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