फ्रांस सरकार से मिली सूचना के आधार पर आयकर विभाग आया हरकत में

मुंबई, 21 दिसंबर. कॉर्पोरेट जगत के कुछ दिग्गजों के सहित मुंबई के करीब 100 से भी ज्यादा लोगों को इस महीने आयकर विभाग का नोटिस मिला है. इन लोगों के एचएसबीसी जिनीवा में गुप्त बैंक खाते हैं. इसी वजह से इन्हें नोटिस भेजा गया है.

कुछ महीने पहले फ्रांसीसी अधिकारियों ने भारत सरकार को स्विस बैंक के 700 भारतीय खाताधारकों की लिस्ट सौंपी थी, उसमें इन लोगों के नाम भी हैं. फ्रांस ने यह जानकारी एचएसबीसी के एक पूर्व कर्मचारी से जुटाई थी. एचएसबीसी के इस कर्मचारी ने इन खातों की जानकारी चुराई थी. आयकर विभाग 31 दिसंबर की समय-सीमा के भीतर नोटिस भेजने का अपना काम खत्म करने की जल्दबाजी में है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने यह समय-सीमा तय की है. एक सीनियर आयकर अधिकारी ने कहा इस सूची में मुंबई के कॉर्पोरेट जगत के कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं. आयकर की धारा 148 के तहत नोटिस भेजे जाने के बाद उनमें से कुछ लोगों ने स्वैच्छिक तौर पर अपने खातों का खुलासा कर दिया है. ब्याज के साथ बकाया कर वसूलने के बाद आयकर अधिकारी किसी खाते को नियमित करते हैं. आयकर विभाग कुछ मामलों में अपनी समझ से जुर्माना भी लगा सकता है. एक बड़े औद्योगिक घरानों के सदस्यों ने एचएसबीसी जिनीवा में अपने खातों का खुलासा कर दिया है. आयकर विभाग के एक सूत्र ने बताया इनमें से एक मुंबई में रहते हैं जबकि दूसरे सदस्य चेन्नै में. चेन्नै में रहने वाला व्यक्ति एक ट्रस्ट का बेनिफिशियरी है, जिसके एचएसबीसी जिनीवा में 300 करोड़ रुपए जमा हैं.

मुंबई के कारोबारी ने 50 करोड़ रुपए का खुलासा किया है. अधिकारी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आयकर की धारा 148 के तहत इन लोगों के इनकम टैक्स रिटर्न को संशोधित कर दिया गया है. एचएसबीसी जिनीवा के बैंक खातों में काला धन रखने वाले 700 लोगों की सूची में से 200 मुंबई के हैं. आयकर विभाग को उम्मीद है कि एक बार उन लोगों के दफ्तरों और कुछेक के घरों के सर्वे के बाद और भी लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे. एक कर अधिकारी ने कहा, जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें से कुछ का ही जवाब आया है. उनके मुताबिक विभाग जल्द ही स्विस बैंक के खाताधारकों की ऐसी सूचियों के आधार पर दूसरे लोगों को भी नोटिस भेजेगा. फ्रांसीसी सरकार के जानकारी देने के बाद जर्मन अधिकारियों ने भी लिखटेंस्टाइन के एलजीटी बैंक के भारतीय खाताधारकों की एक सूची सौंपी थी. जर्मनी के नजदीक स्थित लिखटेंस्टाइन भी काला धन रखने वालों का स्वर्ग माना जाता है. उस व्यक्ति ने कहा, हम 7,000 लोगों की लंबी सूची की उम्मीद कर रहे हैं.

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने विदेशी कर विभाग को इन लोगों की जानकारियां मुहैया कराई हैं. विदेशी कर विभाग ये जानकारियां दूसरी जांच एजेंसियों को भी दे सकता है. इसके बाद विभाग ने उन लोगों को नोटिस भेजेगा और छापेमारी का दौर शुरू होगा. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमारे लिए कड़े कदम उठाना आसान नहीं है क्योंकि जिन सूचनाओं के आधार पर हमें काम करना है वे चुराई गई हैं. हम उन सूचनाओं की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं हैं. पहला अपीलीय प्राधिकरण हमारी मांग की पुष्टि कर सकता है लेकिन कानून के लिहाज से हमें अपने केस को मजबूत बनाने में मुश्किल होगी. इनका आकलन तभी वाजिब माना जाएगा, जब हमें उन खातों को सर्टिफाई करने वाली बैंक की कॉपी मिलेगी.

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