सौर ऊर्जा के उपयोग का प्रस्ताव कर सकेंगे कलेक्टर

आम आदमी की परेशानी को देखते हुए आ रहा प्रस्ताव

भोपाल, 14 दिसंबर. नभासं. सरकारी दफ्तरों को रोज-रोज की बिजली कटौती और उसकी कमी से नहीं जूझना पड़ेगा.इसके लिए दफ्तरों में बिजली न होने पर सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा. इसके लिए जरूरतमंद विभाग अपने सरकारी दफ्तरों के लिए कलेक्टर के जरिए अपने प्रस्ताव तैयार कर सकेंगे. यह सुविधा खासकर आम आदमी की परेशानी को देखते हुए बनाई गई है.

सरकारी दफ्तरों में बिजली की परेशानी के कई तरह की बाधाएं आती हैं. जिसका खामियाजा सरकारी अधिकारियों को नहीं, बल्कि आम आदमी को उठाना पड़ता है. क्योंकि दूरदराज से आने वाले लोगों का बिजली न होने की वजह से काम नहीं हो पाता है. इस समस्या से निजात पाने के लिए अब सौर ऊर्जा का सहारा लिया जा रहा है. ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से सर्वे के द्वारा जरूरतमंद यानी प्रस्ताव भिजवाने वाले सरकारी विभागों के दफ्तरों में सोलर पॉवर पैक जरूरत के मुताबिक होता है. जिसमें केन्द्र एवं राज्य के साथ नवाचार मद के जरिए 90 प्रतिशत अनुदान मिल सकेगा. इसमें केन्द्र सरकार से 30 प्रतशत अनुदान और राज्य से 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. इसके साथ योजना, आर्थिक  एवं सांख्यिकी विभाग नवाचार मद के जरिए शेष अनुदान दिया जाएगा. इसमें जैसा पॉवर वैसी ही सब्सिडी दी जाएगी, जिससे जरूरत के अनुसार खपत हो.

बिजली चोरी को रोकने सख्ती
प्रदेश में बढ़ रही बिजली की चोरी को देखते हुए मध्यप्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घरों में लगे मीटरों का सर्वे करने जा रहा है. जिसके तहत कितने घरों में बिजली के मीटर लगे हुए हैं और किसके नाम से हैं, आदि जानकारी एकत्रित की जा रही है. यह सर्वे राजधानी सहित कुछ अन्य शहरों में चल रहा है. जानकारी के अनुसार, कंपनी के पास अभी तक ऐसी जानकारी नहीं थी कि कितने घरों में किसके नाम से मीटर हैं. बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए विद्युत वितरण कंपनी ने सर्वे का काम एक एजेंसी को दिया है. सर्वे सिर्फ घरों में ही नहीं अपितु झुग्गी क्षेत्रों में भी किया जाएगा और इसका पूरा डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा. इससे बिजली के मीटरों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद जिन घरों में मीटर नहीं हैं, वहां उपभोकताओं से अभी तक बिना मीटर के चलाई जा रही लाखों रूपयों की अवैध बिजली चलाने पर जुर्माना करेगी और उन्हें मीटर लगवाने के लिए बाध्य करेगी. कंपनी को उम्मीद है कि इससे उसका राजस्व बढ़ेगा.

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