संकल्प पूरा करने के लिए उठाया कदम : मुख्यमंत्री

भोपाल,5 मई,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूँ उपार्जन कार्य की अंतिम तिथि 31 मई करने के निर्देश दिये हैं.चौहान ने कहा है कि यह निर्णय किसानों के पूरे गेहूँ की खरीदी के राज्य सरकार के संकल्प को पूर्ण करने के लिये लिया गया है.

प्रदेश में अब तक 5 लाख से अधिक किसानों से 45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी है. किसानों के खाते में कुल 6 हजार 200 करोड़ से अधिक राशि जमा की जा चुकी है.
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री चौहान ने आवश्यक बारदाना व्यवस्था के लिए भारत सरकार से निरंतर चर्चा की है. आपूर्ति में हो रहे विलंब के कारण कुछ स्थानों पर किसानों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा है. इस तथ्य के बावजूद मध्यप्रदेश सरकार ने प्रत्येक खरीदी केंद्र के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था के प्रयास जारी रखे हैं. शीघ्र ही बारदानों की तीन रैक प्रदेश में आ रही है तथा राज्य सरकार द्वारा एचडीपीई बैग्स की व्यवस्था कर ली गई है. राज्य सरकार ने किसानों को धैर्य का परिचय देने और समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था का पूरा लाभ लेने का आग्रह किया है.

चौहान के अलावा मुख्य सचिव एवं अपर मुख्य सचिव स्तर पर प्रतिदिन गेहूँ उपार्जन कार्य की समीक्षा की जा रही है. सभी जिलों में राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश भेजे गए हैं कि पंजीकृत सभी किसानों का गेहूँ खरीदा जाए. समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य बारदानों की कमी और विपरीत मौसम के कारण कुछ स्थानों पर आंशिक तौर पर प्रभावित हुआ है लेकिन सामान्य तौर पर पूरे प्रदेश में अभी भी निर्बाध रूप से गेहूँ खरीदी का कार्य चल रहा है. जैसे-जैसे बारदाना आपूर्ति प्रदेश में हो रही है उसके युक्तियुक्त तरीके से वितरण और अनाज के भंडारण का कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री  चौहान ने किसानों से कहा है कि वे आश्वस्त रहें, राज्य सरकार उनके उत्पादित गेहूँ की खरीदी सुनिश्चित करेगी.

कोरी वाहवाही लूटने की गई बोनस की घोषणा : अजय सिंह

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाते हुये कहा है कि वह अपनी बोनस राशि बचाने के लिये केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों का पूरा गेहूं नहीं खरीद रही है. उक्ताशय का आरोप नेता प्रतिपक्ष अजय ङ्क्षसह ने लगाया है. ङ्क्षसह ने बारिश के कारण खरीदी केंद्रों में पड़े किसानों का गेहूं खराब होने पर सरकार से उसकी क्षतिपूर्ति करने की मांग करते हुये कहा कि प्रदेश के खाद्य मंत्री का बयान इस सरकार के किसान विरोधी चेहरे को उजागर करता है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वाहवाही लूटने के लिये बोनस राशि की तो सरकार ने घोषणा कर दी लेकिन वह अब गेहूं खरीदी में सीङ्क्षलग लगाकर अपनी इस घोषणा से पीछे हट रही है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा तुलाई, सिलाई और परिवहन के लिये जो राशि राज्य सरकार को मिली है वह राशि भी सरकार दबा रही है क्योंकि किसानों से ही परिवहन तुलाई और सिलाई की कीमत वसूली जा रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हरित क्रांति लाने के लिये चलाई गई राष्टï्रीय कृषि विकास योजना और खाद्य सुरक्षा मिशन की सफलता के कारण पूरे देश में प्रति हेक्टेयर खाद्यान्न में भारी वृद्घि हुई है जिसका लाभ प्रदेश के किसानों को भी हुआ है.

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में भारत सरकार के प्रोत्साहन से पैदावार में जो वृद्घि हुई है वह भाजपा सरकार को रास नहीं आ रही है. राज्य सरकार को किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये प्रति ङ्क्षक्वटल 1285 रुपये और तुलाई, सिलाई, परिवहन के लिये प्रति क्ंिवटल 215 रुपये दे रही है लेकिन भाजपा सरकार किसानों से उनका पूरा गेहूं समर्थन मूल्य पर न खरीदते हुये अपने बनाये हुये मापदंडों पर ही गेहूं खरीद रही है ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के साथ स्वयं के द्वारा दी जा रही बोनस राशि न देना पड़े. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रति हेक्टेयर जिलेवार गेहूं उत्पादन का जो मापदंड बनाया है इसके विपरित इस बार उत्पादन में बम्पर वृद्घि हुई है. किसानों को राज्य सरकार के मापदंडों के कारण अपना हजारों क्ंिवटल गेहूं बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने बोनस के सौ रुपये बचाने के लिये भारत सरकार द्वारा दिये जा रहे 1285 रुपये का समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज नहीं खरीद रही है जो कि किसानों के साथ धोखाधड़ी है.

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