कुडनकुलम के लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरा किया जाएगा

मास्को,15 दिसंबर. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर गुरुवार को मास्को पहुंच गए. प्रधानमंत्री ने रूस को आश्वस्त किया कि भारत द्विपक्षीय परमाणु सहयोग पर अपनी सारी प्रतिबद्धताओं को सुरक्षा मुद्दों और कुडनकुलम के लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरा किया जाएगा.

रूस की यात्रा शुरू करने से पहले सिंह ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेती है. लेकिन भारत-रूस परमाणु सहयोग जारी रहेगा. सिंह की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जबकि तमिलनाडु में रूस के सहयोग वाली परमाणु परियोजना का विरोध किया जा रहा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 12वें सालाना भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर मास्को पहुंचे हैं. इस दौरान दोनों देशों द्वारा व्यापार, रक्षा तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सात से नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है. हालांकि इस दौरान कुडनकुलम में रूसी डिजाइन के दो और रिएक्टरों के निर्माण के अनुबंध पर इस दौरान हस्ताक्षर किए जाने की संभावना नहीं है. हालांकि प्रधानमंत्री ने माना कि इसके लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. यात्रा से पहले रूसी मीडिया को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार एवं वाणिज्यिक सहयोग अधिक सामयिक और हमारी क्षमताओं को परिलक्षित करने वाला होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुडनकुलम में विरोध परमाणु ऊर्जा की सुरक्षा को लेकर आम लोगों की चिंताओं को परिलक्षित करता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संयंत्र ने स्थानीय लोगों में पर्यावरण और आजीविका संबंधी चिंताओं को प्रकट किया है. हालांकि उनकी सरकार ने स्थानीय लोगों की सभी उचित व वैध चिंताओं पर ध्यान देने के लिए विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र सीमित गठित की है.

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि रूस, भारत का कठिन दौर का साथी रहा है भले ही वह भारत के साथ परमाणु व्यापार पर प्रतिबंध का समय हो. भारत इस क्षेत्र में रूस के साथ प्रतिबद्धताओं में बंधा है. सिंह ने कहा जहा तक परमाणु क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग का सवाल है तो यह जारी रहेगा और हम अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेंगे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुताबिक भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार और वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर ठोस समन्वय भारत के साथ साथ वैश्विक शाति एवं समृद्धि के हित में है.

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