दो दिवसीय राष्ट्रीय बालरंग का उद्घाटन

भोपाल, 18 दिसंबर. देश के विभिन्न जाति धर्म के लोगों की सांस्कृतिक विरासत दुनियाँ का आठवाँ आश्चर्य है, जहाँ विभिन्नता के बावजूद आपसी सद्भाव, राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता का भाव लोगों में सदैव विद्यमान रहता है.

इस आशय के उद्गार नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने आज यहाँ सप्तम दो दिवसीय राष्ट्रीय बालरंग- 2011 के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए. लोक शिक्षण संचालनालय, स्कूल शिक्षा विभाग-मध्यप्रदेश शासन एवं इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बच्चों के इस सांस्कृतिक उत्सव में देश के बारह राज्यों के स्कूली छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं. मंत्री गौर ने कहा कि देश में निवास करने वाले सभी लोगों को अपनी जाति-धर्म एवं परम्पराओं के अनुसार जीवन जीने की पूर्ण आजादी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग के आयोजन में बच्चों को देश की विभिन्न संस्कृतियों को जानने समझने का अवसर प्राप्त होगा. माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर दो दिनी राष्ट्रीय बालरंग समारोह का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने बालरंग समारोह की स्मारिका का विमोचन एवं भोपाल की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के बच्चों द्वारा लगायी गयी आकर्षक लघु भारत प्रदर्शनी का उद्ïघाटन भी किया. इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के संचालक के.के. मिश्रा ने स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर प्रदेशों के बीच जीवंत सम्पर्क बनाने के लिए बालरंग एक अच्छा माध्यम है.

इससे स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे सहज रूप से देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति, खानपान, संस्कारों एवं रीति-रिवाजों से परिचित हो जाते हैं. आयुक्त लोक शिक्षण अशोक वर्णवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि बालरंग की कल्पना में भोपाल की जनता के समक्ष मिनी भारत की अनुभूति कराना है. उन्होंने बालरंग में भाग लेने वाले प्रतिभागी बच्चों से मध्यप्रदेश की सम्पन्न सांस्कृतिक विरासत का नजदीक से अवलोकन करने का आग्रह किया. इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय-भोपाल के पूर्व संचालक किशोर के.बाशा ने कहा कि म.प्र. शासन एवं केन्द्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला राष्ट्रीय बालरंग समारोह एक सफल आयोजन है. इसकी शुरूआत वर्ष 2005-06 में इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय-भोपाल से हुई थी. भोपाल के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में 18-19 दिसम्बर को होने वाले राष्ट्रीय बालरंग समारोह में म.प्र.,महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा, आसाम, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश,बिहार, मेघालय, कर्नाटक एवं अण्डमान-निकोबार के स्कूली बच्चे भाग ले रहे हैं. उदघाटन अवसर पर विभिन्न राज्यों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी.

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