रामदेव तीन दिन के अनशन पर

नई दिल्ली, 9 अगस्त, नससे. रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ बाबा रामदेव के तीन दिन के आंदोलन की शुरूआत हो गई है. आंदोलन की नई शुरुआत करते हुए बाबा रामदेव ने जनता से कहा कि लोकपाल के लिए लड़ाई को खत्म न समझा जाए, बल्कि अब इसके पूरे होने का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि वह देश में ऐसा माहौल बनाएंगे जिसमें एक भी शरीफ आदमी को सताया नहीं जाएगा और एक भी भ्रष्ट आदमी बचेगा नहीं.

कालाधन जितना विदेशों में जमा है उससे अधिक कालाधन देश के भीतर जमा है. देश में सबसे अधिक लूट प्राकृतिक संसाधनों की हो रही है. भ्रष्टाचार मिटाने और कालेधन को वापस लाने के साथ बाबा रामदेव ने लोकपाल और सीबीआई को स्वतंत्र बनाना, सीबीआई निदेशक की नियुक्ति, सीवीसी व कैड निदेशक की नियुक्ति को निष्पक्ष बनाना तथा सिटीजन चार्टर की मांग की है. रामलीला मैदान पहुंचने से पहले रामदेव राजघाट गए और वहां से शहीद पार्क होते हुए आंदोलन स्थल पहुंचे. रामदेव ने कहा कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो यह आंदोलन बहुत बड़े स्तर पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनका समर्थन अन्ना हजारे के आंदोलन को जारी रहेगा.

कानून मंत्री ने ली चुटकी

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने योग गुरु रामदेव के रामलीला मैदान पर चल रहे दूसरे आंदोलन की चुटकी लेते हुए गुरुवार को कहा कि रामलीला हर साल होती है. खुर्शीद ने यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि रामलीला हर साल होती है. इसी तरह लोकतंत्र में लोगों की अलग अलग राय होती है, जो वे नियमित तौर पर प्रदर्शित करते हैं. रामदेव ने अपने समर्थकों के साथ तीन दिन का अनशन आज से शुरू किया है जो रामलीला मैदान में हो रहा है.

लोकपाल प्रारूप को अंतिम रूप देने की समयसीमा तय नहीं- चतुर्वेदी

लोकपाल विधेयक पर विचार कर रही संसदीय प्रवर समिति के अध्यक्ष सत्यव्रत चतुर्वेदी ने विधेयक के प्रारूप को अंतिम रूप देकर इसे संसद को सौंपने की समय सीमा बताने से इनकार करते हुए कहा है कि विचार- विमर्श की प्रक्रिया जारी है और समिति इस काम को जल्द पूरा करना चाहती है. संसद भवन परिसर में श्री चतुर्वेदी ने कहा कि प्रवर समिति कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों से बात करेगी. सार्वजनिक माध्यमों से आम जनता से सुझाव परामर्श मंगाए जाने की सूचना जारी की गई है. उन्होंने कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि यह प्रक्रिया कब पूरी होगी.  उधर लोकपाल विधेयक को लेकर संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि अगर प्रवर समिति ने तीन सितंबर की समयसीमा तक विधेयक को संसद को सौंप दिया तो संसद के मौजूदा सत्र में ही इस पर चर्चा कराई जा सकती है.

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